70 वर्षो के बाद भारत में चीते आये-PM नरेन्द्र मोदी ने पहले 2 नर चीते रिलीज किये और फोटो खींचे, 10 मिनट बाद मादा चीता को रिलीज किया

ग्वालियर. भारत के ग्वालियर शहर की धरती महाराजपुरा स्थित वायुसेना के एयरबेस पर सुबह 8 बजे कर 42 पर चीतों ने कदम रखा और 10 मिनट ट्रांसपोर्ट में करने लगे। वहां विंग कमाण्डर एसपी कुमार 2 हेलीकॉप्टर 8 चीते लेकर पहुंचे। श्री कुमार ने बताया कि हवा का बहाव विपरीत दिशा में होने की वजह से 35 लगे नही तो 30 मिनट कूनो पहुंच जाते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन से 40 मिनट पहले पहुंचे थे चीते। आपको बता दें कि कूनो पर बनाये गये 5 हेलीपेड पर भारी पुलिस बल के बीच सबसे पहले चीनूक हेलीकाप्टर अफ्रीकी दल आया और उसके के बाद एम-17 के 2 हेलीकॉप्टर में 4 कंटेनगर में 8 चीते आये। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह और ज्योतिरादित्य और केन्द्रीय वनमंत्री अश्विन मौजूद रहें।

अफ्रीकन दल की मौजूदगी में हेलीकॉप्टर से लेकर केज तक पहुंचाये चीते
शनिवार की सुबह 9.38 बजे अफ्रीकन चीते हेलीकॉप्टर से कंटेनर बाहर निकाले गये इस बीच अफ्रीकन दल पूरी सतर्कता के साथ निगरानी कर रहा था। इसके खुली जीप में रखकर चीतों के कंटेनरों को कूनों में चीतों के बनाये गये बाड़े में दरवाजों पर रखें गये जहां पर प्रधानमंत्री मोदी को चीतों को रिलीज करना था।

पीएम मोदी ने 3 चीते छोड़े
सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहुंचने से महज 30 मिनट पहले 2 हेलीकॉप्टर से चीते 4 कंटेनर उतारे जिसमें पहले 2 कंटेनर अफ्रीकी दल की मौजूदगी में 2 कंटेनर बाड़े में रखे गये। खास बात यहीं रखी कि पीएम मोदी द्वारा नर चीता का केज खोलने के बाद 2 मिनट के बाद एक चीता निकला और दूसरा चीता अफ्रीकी दल के कई केज को ठोकने के बाद चीता बाहर निकला। जिसके मोदी ने स्वयं अपने कैमरे उनकी तस्वीर खींची और टोपी हिलाकर औ थम्ब दिखाकर उनका अभिवादन किया। पीएम मोदी लगभग चीता देखने के लिये लगभग 7 मिनट मंच पर रहे और दूसरे मंच मादा चीता केज खोलकर बाहर निकाला।

चीता मित्रों से मिले पीएम मोदी
सुबह 10.28 बजे चीतों को रिलीज करने के बाद पीएम मोदी चीता मित्रों के बीच पहुंचे। लेकिन खास बात यह रही कि जिला प्रशासन द्वारा कूनों नेशनल पार्क में चीता मित्रों से बात करने के लिये टेंट लगाया गया था और वहां पर सोफे लगाये थे लेकिन पीएम मोदी पेड़ के नीचे बैठकर ही चीता मित्रों से बात की। इस बीच पीएम मोदी चीता मित्रों से बोले कि जब तक समय पूरा नहीं हो जाता तब तक नेताओं को नहीं आने देना, मैं आऊं या मेरा नाम लेकर कोई भी आये पार्क में किसी को घुसने नहीं देना।

