5 हजार में जिन्दगी गुजार रहे 10 हजार मिले अंशकालीन भृत्यों को मिले, लघु वेतन कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन
भोपाल. मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर अंशकालीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (भृत्य) का मानदेय 10 हजार रूपये प्रतिमाह करने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष महेन्द्र शर्मा ने बताया है कि महंगाई के इस दौर में 5 हजार रूपये में जीवन यापन करना नामुमकिन है। पर यह भृत्य पद पर कार्य कर रहे हैं। सरकार मानदेय वृद्धि कर इन्हें और इनके परिवार को अच्छा जीवन दे सकती है।
महेन्द्र शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 20 हजार अंशकालीन भृत्य है। जो 20-25 वर्षो से सेवायें दे रहे है। वर्ष 2015तक इनका मानयेय 3 हजार रूपये था। 2015 से 2018 में 11 हजार रूपये बढ़ाकर 5 हजार रूपये किये गये है। तब से इतना ही मानदेय मिल रहा है। यह कर्मचारी सरकारी भृत्यों के खाली पदों के विरूद्ध रखे गये हैं, फिर भी इनको नियमित करने की कोई नीति नहीं बनाई गयी है। वह कहते हैं कि यह कहने को अंशकालीन कर्मचारी है। पर फुलटाइम काम कर रहे हैं। सरकार नीति तैयार कर इन्हें कलेक्टर दर या नियमित कर्मचारी के समान वेतन हैं।

