25 महिला बाइक राइडर्स प्रमुख पर्यटन स्थलों से होते हुए 1400 किमी का करेंगी टूर, 13 मार्च को भोपाल में होगा समापन

बाइक राइडर्स समूह में भोपाल की 8, मुम्बई और नागपुर की 5-5 तथा ग्वालियर, बैंगलोर कोलकाता, पुणे और नोएडा की एक-एक महिला राइडर शामिल
भोपाल – महिला बाइकिंग टूर का नेतृत्व मुंबई की 62 वर्षीय डॉ. नीता कर रही हैं। इस ग्रुप में भोपाल की सारा खान, राजनंदिनी, दिव्या रमन, मयूरी सोनी, दिशा राकेशीय, उन्नति चौरसिया, सेजल कुशवाहा, महक बाथम, ग्वालियर की शबनम बानो शामिल हैं। इनके साथ मुंबई की हेतल उपाध्याय, माधुरी नायक, मधु हेलचल, तनु प्रिया, रिद्धि, बेंगलुरु की सोना प्रियदर्शनी, कोलकाता की सायंती घोष, पुणे की कल्याणी पोटेकर, नागपुर की डॉ. प्रियंका रुक्मणी, रुचिका मेघे, एकता खेते, मैथिली सिंह, पल्लवी देशमुख, नोएडा की डॉ. सुमित और संभाजी नगर (महाराष्ट्र) की कविता जाधव शामिल हैं। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सचिव पर्यटन विभाग एवं प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड इलैया राजा टी, अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ 3.0 महिला बाइकिंग टूर मात्र बाइक रैली नहीं बल्कि नारी सशक्तिकरण, साहस और पर्यटन के माध्यम से मध्यप्रदेश की पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का एक अनूठा अभियान है। हर संभव सहयोग का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री निवास से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाइकर्स और पर्यटन सखी के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया।
मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा की गारंटी के रूप में यह टूर प्रारंभ किया जा रहा है। इसमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों की 25 साहसी महिला बाइक राइडर्स शामिल हैं। यह यात्रा 7 से 13 मार्च तक चलेगी, जिसमें हमारी बहनें 1400 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। बाइकिंग टूर पर निकली बहनें प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल- सांची, उदयगिरी, चंदेरी, खजुराहो, कूनो नेशनल पार्क, ग्वालियर, मितावली, ओरछा और खजुराहो से होकर गुजरेंगी। यात्रा का समापन 13 मार्च को भोपाल में होगा।
देशभर से आईं महिला बाइकर्स से संवाद किया। मुंबई से 62 वर्षीय नीता खांडेकर ने बताया कि “7 साल पहले बाइक चलाने की चाहत को स्वयं हिम्मत दी और फिर 75 दिन में 21 हजार कि.मी. का यादगार सफर तय किया। पश्चिम बंगाल की ट्रीना 4 दिन में बाइक से ओडिसा, झारखंड और बिहार होते हुए मध्यप्रदेश आईं। वो कहती हैं “मध्यप्रदेश में सबसे ज़्यादा सुरक्षित महसूस किया। यहाँ की रोड और नेचर की मैं फैन हो गई”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन सखी से भी मुलाकात की।

