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जनगणना-2027 -पूरी मुस्तैदी व गंभीरता के साथ करें जनगणना संबंधी संवैधानिक दायित्व का निर्वहन – कलेक्टर 

बाल भवन में 82 फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू 
ग्वालियर –  हम सबके लिये गर्व की बात है कि हमें विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्य जनगणना करने का सुअवसर मिला है। जनगणना का कार्य पूरी तरह संवैधानिक है। इसलिये पूरी गंभीरता व मुस्तैदी के साथ इस संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें। यह बात कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान ने बाल भवन में बुधवार से शुरू हुए तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण सत्र के उदघाटन अवसर पर प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों से कही।
इस प्रशिक्षण में 82 अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद इन अधिकारियों द्वारा जनगणना कार्य के लिये संलग्न किए गए प्रगणकों व सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित किया जायेगा। फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण के उदघाटन सत्र के दौरान नगर निगम आयुक्त एवं ग्वालियर शहर के प्रमुख जनगणना अधिकारी संघ प्रिय, जिला जनगणना अधिकारी अनिल बनवारिया व अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार, जनगणना कार्यालय भोपाल से आए राकेश मीणा एवं मुख्य प्रशिक्षक एसबी ओझा उपस्थित थे।
जनगणना पूरी तरह संवैधानिक, जानकारी देना अनिवार्य 
जनगणना का कार्य पूरी तरह संवैधानिक है। भारतीय संविधान में 32 बार जनगणना का उल्लेख आया है। सभी को जनगणना से संबंधित जानकारी देना अनिवार्य है। संविधान के अनुच्छेद-246, जनगणना अधिनियम 1948 व जनगणना नियम 1990 के तहत जनगणना का कार्य किया जा रहा है।
प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 
भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य मध्यप्रदेश में 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा। इस चरण का उद्देश्य द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के लिये मास्टर फ्रेम तैयार करना है। जनगणना के द्वितीय चरण का काम फरवरी 2027 में होगा।
प्रथम चरण में इन 34 बिंदुओं की जानकारी होगी संकलित 
जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का काम किया जायेगा। जिसमें 34 बिंदुओं में जानकारी संकलित होगी। इसमें भवन व मकान नम्बर सहित मकान की स्थिति, परिवार क्रमांक, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, मकान किराए का है अथवा स्वयं का, कमरों की संख्या, परिवार के विवाहित दम्पत्तियों की संख्या, पेयजल के मुख्य स्त्रोत, पेयजल स्त्रोतों की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्त्रोत, शौचालय की सुगमता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, परिसर के अंदर स्नान की सुविधा, रसोई घर व एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिये प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर व टेलीविजन की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, लेपटॉप/कम्प्यूटर की उपलब्धता, टेलीफोन, मोबाइल फोन व स्मार्ट फोन इत्यादि की उपलब्धता, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप व वैन, परिवार द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले अनाज, मसलन चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का व अन्य खाद्यान्न एवं मोबाइल फोन इत्यादि जानकारी शामिल है।
प्रत्येक प्रगणक व पर्यवेक्षक को मानदेय के रूप में मिलेंगे 25 – 25 हजार रुपए 
जनगणना-2027 का कार्य करने वाले प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा आकर्षक मानदेय प्रदान किया जायेगा। प्रत्येक प्रगणक व पर्यवेक्षक को दोनों चरणों में जनगणना से संबंधित कार्य के लिये कुल मिलाकर 25 – 25 हजार रुपए मानदेय के रूप में प्रदान किए जायेंगे।

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