यूपीआई आम ग्राहकों के लिये रहेगा फ्री, वित्तमंत्री ने दी सफाई, 2 हजार से अधिक ट्रांजेक्शन पर मर्चेन्ट चार्ज संभव
नई दिल्ली. भारत में प्रतिदिन फल-सब्जी खरीदने से लेकर कैब के किराये तक के लिये करोड़ों लोग यूपीआई का उपयोग करते हैं। हाल ही में संसद में पेश हुए नये बिल के बाद एक बहस शुरू हो गयी है कि क्या आने भविष्य में यूपीआई भुगतान करनेपर उपभोक्ताओं को शुल्क देना होगा।
इस वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई गर्वनर संजय मल्होत्रा ने स्थिति साफ की है। केन्द्रीय वित्तमंत्री ने कहा है कि आम उपभोक्ताओं को डरने की आवश्यकता नहीं है। यूपीआई उनके लिये फ्री रहेगा।
कोई चार्ज नहीं देना होगा
नहीं, बिलकुल नहीं, सरकार और आरबीआई दोनों ने साफ किया है कि आम ग्राहकों से यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। आप पहले ही तरह ही किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन करके फ्री में पैसों का ट्रांसफर और खरीदारी कर सकेंगे।
यूपीआई पर चार्ज लगने की क्यों चर्चा
केन्द्र सरकार ने संसद में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल 2026 पेश किया गया है। इसमें पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्स 2007 की घारा 10 में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके तहत भविष्य में कुछ खास यूपीआई लेन-देन पर मर्चेन्ट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसी के बाद विपक्ष ने सवाल उठाये है कि इससे आम जनता पर बोझ पड़ेगा।

