पीस डील पर अमेरिका से डील पर ईरानी सेना का दावा दुश्मन ने मानी हार और किया सरेंडर, 14 शर्तो के साथ MoU तैयार
नई दिल्ली. अमेरिका -ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बीच ईरान की सेना का एक बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने दावा किया है कि देश की जनता और सशस्त्र बलों ने यह साबित कर दिया है कि दुश्मन के पास सरेंडर करने के अलावा अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। ईरान की सेना इस ऐतिहासिक डील को अपनी एक बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक जीत के रूप में देख रही है।
आईडीएफ का दावा है कि दक्षिणी लेबनान में हुए एक हवाई हमले में हिजबुल्लाह का टॉप कमांडर अली मूसा दकदुद की मौत हो गयी है। सेना के अनुसार दकदुक को लिटानी नदी के दक्षिणी इलाके में निशाना बनाया गया है। वह हिजबुल्लाह के पूर्व चीफ हसन नसरल्लाह की सुरक्षा यूनिट के हेट और एलीट राडवान फोर्स के कमांडर की जिम्मेदारी संभाल रहे है।
आपको बता दें कि अमेरिका ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते पर सहमति बन गयी है। आगामी शुक्रवार का स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने का अनुमान है। ऐसा बताया जा रहा है कि इसके बाद तेहरान परमाणु कार्यक्रम और अन्य मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक विस्तृत चर्चा का दौर चलेगा। शांति समझौते का ऐलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इस यूएस-ईरान के बीच पीस डील पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब मैं होर्मुज को टोलफ्री खोलने और नौसैनिक ब्लॉहेड हटाने की मंजूरी देता हूं। हालांकि ईरान की तरफ से लीडर का लेकर अभी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अमेरिका-ईरान के बीच हुए इस समझौते पर दुनियाभर के देश खुशी जता रहे है। क्योंकि कई देश इस युद्ध के खत्म होने का इंतजार कर रहे थे।
ईरान ने अमेरिका के साथ 14 सूत्री ड्राफ्ट MoU जारी किया
ईरानी मीडिया आउटलेट मेहर ने अमेरिका के साथ ईरान के प्रस्तावित 14 सूत्री ड्राफ्ट मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) जारी किया है. ईरान इसे दोनों देशों के बीच हो रहे शांति समझौते का प्रारूप बता रहा है. ईरानी मीडिया के अनुसार, ये ड्राफ्ट दोनों पक्षों के बीच चल रही गहन कूटनीतिक वार्ताओं का नतीजा है. मेहर ने इसे पूर्ण 14-पॉइंट ड्राफ्ट बताते हुए दावा किया है कि इसमें ईरान की अधिकांश प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है।
24 अरब डॉलर के फ्रोजन एसेट्स का आधा हिस्सा गंभीर वार्ता शुरू होने से पहले ही रिलीज किया जाएगा.
अमेरिकी नौसेना ब्लॉकेड 30 दिनों के अंदर पूरी तरह हटा लिया जाएगा.
ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल्स पर लगी पाबंदियां जल्द ही सस्पेंड कर दी जाएंगी.
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का फंड उपलब्ध कराना होगा.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को ईरानी सुरक्षा नियंत्रण में फिर से खोल दिया जाएगा.
ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रॉक्सी (प्रतिनिधि) गुटों को समर्थन देने के मुद्दे को पूरी तरह वार्ता एजेंडे से हटा दिया गया है।
पूरे समझौते को अंतिम रूप देने के लिए केवल 60 दिन का समय तय किया गया है, जिसमें व्यापक प्रतिबंधों में राहत और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की मंजूरी शामिल होगी ।

