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सोनार गांव में 12 हजार फीट की ऊचाई आतंकियों का तलाशी के बीच मिला ठिकाना, देसी, 50 पैकेट मैगी मौके से मिली

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ के सोनार गांव में आतंकियों की तलाश के लिये चलाये जा रहे ऑपरेशन त्राशी-1 मंगलवार को तीसरे दिन भी चलाया गया हे। इस बीच सेना को एनकाउंटर प्वॉइंट से लगीाग 2किमी दूर 12 हजार फीट की ऊंचाई पर आतंकियों का मजबूत ठिकाना मिला है। जिसे देखकर सैन्य अधिकारी भी हैरान रह गये। ठिकाना जमीन के नीचे बना था। वहां भारी मात्रा में खान-पान सामग्री मिली है।
सैन्य अधिकारियों के अनुसार यह ठिकाना पहाड़ काटकर तैयार किया गया था। जिसमें आने-जाने के मार्ग मिले है। ठिकाने से गैस सिलेंडर, चूल्हा, 15 प्रकार के मसाले, 50 मैगी के पैकेट, 20 किलो चावल बासमती, देशी घी, आटा, तेल, गेहूं, सब्जियां, कम्बली आदि मिले है। आकलन लगाया है कि इसमंें 6 लोगों यहां तीन माह तक रह सकते थे। इतनी दुर्गम पहाड़ी पर इतनी मात्रा में सामान मिलने के बाद प्रश्न उठ रहा है कि इसे वहां तक कैसे और कितने पहुंचाया है। सेना का मानना है कि स्थानीय मदद के बिना यह संभव नहीं है। लगभग 30 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पाकिस्तानी आतंकी गुटों ने अब लो -इंटेसिटी, लेकिन हाई विजिबिलिटी ऑपरेशन का मॉडल अपनाया है। जिसमें सीमित हिंसा के माध्यम से ज्यादा डर पैदा किया जाता है। इसका सीधा उद्देश्य ड्रोन पर निर्भरता से अधिक कश्मीर में लम्बे समय तक बने रहने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। टूरिज्म बूम की धारणा को कमजोर करना है। एजेंसियां मान रही है कि यह हमला सीमा पार से संचालित नेरेटिव वॉर का पार्ट है। जहां बन्दूक से अध्सिक असर उसके गूंज का होता है।
किश्तवाड़ एनकाउंटर इसी का पार्ट लग रहा है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी टारगेटेड रणनीति अपना रहे है। यह एनकाउंटर ऐसे समय में हुई है। जब 6 दिन पहले ही केन्द्रीय गृह सचिव ने अमरनाथ यात्रा, पीक टूरिस्ट सीजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी।

 

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