लापता लड़कियों को तलाशने में पुलिस गंभीर नहीं, हाईकोर्ट ने फटकारा तो जांच अधिकारियों का सिर्फ फेसबुक-इंस्टाग्राम का ही पता
ग्वालियर. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर बेंच के युगल पीठ ने राज्य में गायब लड़कियों और गुमशुदा इंसानों की बरामदगी को लेकर पुलिस प्रशासन के ढीले रवैया पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। हाईकोर्ट ने बेहद सख्त लहजे में कहा है कि पुलिस ऐसे मामलों में अत्यंत हल्के में ले रही है जांच का जिम्मेा ऐसे लापरवाह और अक्षम अधिकारियों को सौंप दिया जाता है। जिन्हें आधुनिक या प्रभावी तफ्तीश का क…ख….ग तक नहीं मालूम।
भिंड के आलमपुर थाने में दर्ज एक गुम इंसान मामले में गंभीरता से कार्यवाही नहीं करने के केस पर हाईकोर्ट की युगल बेंच सुनवाई कर रही थी। माममले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने भिंड एसपी का वर्तमान जांच अधिकरी का तत्काल हटाने और मामले की कमान ‘‘एएसपी’’ स्तर के सीनियर अधिकारी को सौंपने के कड़े निर्देश दिये है।
इंस्टाग्राम-फेसबुक देख लिया नहीं मिला सुराग
पूरा मामला भिंड जिले के आलमपुरा थाने से जुडा हुआ है। जहां एक पिता ने अपनी लापता बेटी की बरामदगी के लिये हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गयी है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया-न्यायमूर्ति अनुराधा शंुक्ला युगल पीठ के समझ आलमपुर थाने में तैनात एएसआई ओंकार सिंह तोमर केस डयरी लेकर व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे। हाईकोर्ट ने जब उनसे लड़की की तलाश को लेकर किये गये प्रयासों पर सवाल दागे तो एएसआई को जवाब देते नहीं बना। उन्होंने हाईकोर्ट को बेहद गैर-जिम्मेदाराना जवाब दते हुए कहा कि मैंने लड़की का इंस्टाग्रम और फेसबुक में तलाश किया उसमें कोई सुराग नहीं मिला। वैसे संदिग्ध को गांव में ही देखा गया था।
भिंड एसपी से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा
हाईकोर्ट ने केवल निचले स्तर के अधिकारी को ही नहीं, बल्कि भिंड पुलिस अधीक्षक को भी आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि एसपी खुद जांच अधिकारियों की सक्षमता को परखे बिना ही लापरवाही से केस सौंप रहे हैं। अदालत ने भिंड एसपी से अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा मांगते हुए 3 बिंदुओं पर जवाब तलब किया है।
24 घंटे के भीतर जांच अधिकारी को हटाएं
इस पर कोर्ट ने काफी नाराजगी जताई और कहा कि विवेचना अधिकारी सिर्फ फेसबुक व इंस्टाग्राम तक ही सीमित हैं। ASI के इस जवाब पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि आईओ जांच करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। क्या पुलिस की तफ्तीश अब सिर्फ सोशल मीडिया स्क्रॉल करने तक सीमित रह गई है? बेंच ने सख्त संदेश देते हुए निर्देशित किया है।
गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस उसे कतई हल्के में न ले।
लापता व्यक्ति को ढूंढने के लिए हर संभव, वैज्ञानिक और गंभीर प्रयास किए जाएं।
भिंड एसपी 24 घंटे के भीतर वर्तमान जांच अधिकारी को हटाएं।
किसी एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी को केस सौंपें, जो अपनी पूरी ताकत लड़की को बरामद करने में झोंके।

