एलिवेटेड रोड से उत्पन्न सीवर समस्या पर कलेक्टर सख्त
ग्वालियर – एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण शहर में सीवर समस्या की अनेक शिकायतें आ रही हैं, जिन्हें लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग एवं नगर निगम के अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर गंभीरता से कार्य करें। जिससे शहर के नागरिकों को समस्या का सामना न करना पडे। उक्ताशय के निर्देश कलेक्टर रूचिका चौहान एवं नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को दिए।
बालभवन के एक्यूआई सेल में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान निगम के पीएचई विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि एलिवेटेड रोड निर्माण के चलते ग्वालियर एवं दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्वर्ण रेखा नदी के सीवर चेम्बर, ट्रंक लाइन, मैनहोल एवं सीवर लाइन अनेक स्थानों पर छतिग्रस्त हो गई हैं कई स्थानों पर मिट्टी भर गई हैं और अनेक चेम्बर टूट गए हैं। जिसके कारण इससे संबंधित क्षेत्रों में सीवर लाइन की बहुत अधिक समस्या आ रही है। जिसको लेकर आज कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त प्रदीप तोमर, मुनीष सिकरवार, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग जोगेन्द्र यादव सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर रूचिका चौहान ने सभी अधिकारियों से चर्चा की तथा जिन क्षेत्रों में ज्यादा समस्या आ रही है ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता से ठीक करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तीनों विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय कर सर्वे करें तथा असिस्मेंट करें कि कितनी मिट्टी है और किस प्रकार तय समय में हटाई जाएगी। इसके साथ ही शीघ्र मिट्टी हटाकर डी सिल्टिंग का कार्य करें तथा चेम्बर की मरम्मत भी करते चलें और जहां लाइनें छतिग्रस्त अथवा चौक है, उन्हें ठीक करते चलें। उन्होंने कहा कि इसकी योजना बनाकर कार्य करें। पहले तीन दिन में क्या कार्य करेंगे, इसके बाद सात दिन में कितना कार्य होगा, फिर दस दिन में कितना कार्य होगा। इस प्रकार प्रति दिन की रिपोर्टिंग भेजें।
उन्होंने कहा कि बारिश से पहले हर हाल में यह सब कार्य पूर्ण कर लें। आस पास रहने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की जल भराव की समस्या नहीं आनी चाहिए। यदि किसी भी अधिकारी या ठेकेदार ने कार्य में लापरवाही की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

