उच्च न्यायालय ग्वालियर में हुआ नेशनल लोक अदालत का आयोजन
490 प्रकरणों का हुआ निराकरण
ग्वालियर – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नईदिल्ली द्वारा प्रदत्त निर्देशानुसार एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति सह को-चेयरमेन, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ग्वालियर न्यायमूर्ति आनंद पाठक के मार्गदर्शन में 14 मार्च को उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
उक्त नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु न्यायाधिपति आनंद पाठक व अधिवक्ता निधि पाटनकर, न्यायाधिपति जीएस अहलूवालिया व अधिवक्ता आभा मिश्रा, न्यायाधिपति आशीष श्रोती व अधिवक्ता उमा कुशवाह तथा न्यायाधिपति आनंद सिंह बहरावत व अधिवक्ता कु. चित्रा सक्सेना की कुल 04 खण्डपीठों के द्वारा आपसी सहमति के आधार पर कुल 490 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा मोटर दुर्घटना क्लेम अपील प्रकरणों में पीडित पक्षकारों को तीन करोड चैंसठ लाख सैंतीस हजार नौ सौ चालीस रुपए अतिरिक्त क्षतिधन के रूप में प्राप्त हुये।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 08 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को दृष्टिगत रखते हुये उपलक्ष्य में प्रशासनिक न्यायाधिपति/को-चेयरमेन न्यायमूर्ति आनंद पाठक द्वारा एक सराहनीय पहल के रूप में महिला अधिवक्ताओं को लोक अदालत की खण्डपीठों के सदस्य के रूप में नामांकित किया गया है। न्यायमूर्ति श्री पाठक के विचारानुसार इस पहल का मूल उद्देश्य न्याय व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाना तथा समाज में महिला सशक्तिकरण का सकारात्मक संदेश देना है। न्यायमूर्ति श्री पाठक का यह प्रेरणादायक कदम न्याय व्यवस्था में लैंगिक समानता एवं महिला सषक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।
नेशनल लोक अदालत के पूर्व न्यायमूर्ति आनंद पाठक के मार्गदर्शन में उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर में राजीनामा योग्य विचाराधीन प्रकरणों मुख्यतः बीमा कंपनी के प्रकरणों को चिन्हित कर सूची तैयार की गई, तत्पश्चात बीमा कंपनी के अधिकारी/अधिवक्तागण तथा पक्षकार व उनके अधिवक्तागण के साथ विभिन्न दिनांकों को प्री-सिटिंग आयोजित की जाकर राजीनामा के आधार पर प्रकरणों के निराकरण हेतु उभयपक्ष में सहमति बनाई गई

