संजय धूपर ने कुमारी हर्षिता कुशवाहा के साथ युगल गीतों को मधुर आवाज में किया पेश
ग्वालियर -शहर के प्रसिद्ध गायक संजय धूपर ने ट्रेजेडी किंग “दिलीप कुमार ” दुखद देहवसान उपरांत अपने ब्राडकास्टिंग स्टूडियो के माध्यम से उन पर फिल्माए गए 20 से जयादा गीतों को अपनी मधुर आवाज में पेश किया उनके साथ उभरती हुई बाल गायिका कुमारी हर्षिता कुशवाहा ने युगल गीतों में भरपूर साथ दिया | देश विदेश के कई दर्शको ने ऑनलाइन गीतों को सुनकर “दिलीप कुमार” को अपने कमेंटस के माद्यम से इस प्रयास व् दिलीप कुमार को श्रद्धांजलि दी |
संजय धूपर ने दिलीप कुमार पर फिल्माए “सुख के सब साथी दुःख में न कोय ” भजन से शुरुआत की , इसके बाद रफ़ी साहेब का गाया हुआ गीत ” ओ दूर के मुसाफिर हमको भी साथ ले ले ” पेश कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया | दिलीप कुमार जी पर फिल्माए देश भक्ति गीतों “ये देश है वीर जवानो का” पेश किया तो दिलीप कुमार की सुनहरी याद बरबस ताज़ा हो गयी |
युगल गीतों की शृंखला में कुमारी हर्षिता के साथ ” उड़े जब जब जुल्फे तेरी”, “मांग के साथ तुम्हारा मैंने मांग लिया संसार “, “धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले ” पेश किया तो उपस्थित देश विदेश के ऑनलाइन दर्शक तारीफ किये बिना नहीं रह सके ”
इस अवसर पर संजय धूपर ने अपने स्टूडियो के माद्यम से एलसीडी स्क्रीन पर दिलीप कुमार के जीवन का वृतांत पेश किया जो सम्पूर्ण क्रायक्रम में चलता रहा | दिलीप कुमार पर फिल्माए गीत ” मुझे दुनिया वालो शराबी न समझो”, ” टूटे हुए खवाबो ने “, “आज पुरानी राहो में ” पेश कर दिलीप कुमार और रफ़ी साहेब के जुगलबंदी की याद को गरिमामय कर दिया | 10 हज़ार से जयादा देश विदेश के दर्शको ने कार्यक्रम को सराहा और संगीत नगरी “ग्वालियर” के इस प्रयास जो संजय धूपर ने अल्पसमय में पेश किया उसकी तारीफ कमेंट के माध्यम से किये |कार्यक्रम शाम 7 बजे से लाइव हो कर रात्रि 10 बजे तक नॉन स्टॉप सीधा प्रसारित हुआ|

