शहर के आसपास की औद्योगिक इकाईयों से हो रहा वायु प्रदूषण, फैल रहीं बीमारी
ग्वालियर. शहर के आसपास लगे ईंट भट्टे, तिल्ली फैक्र्टी और गुड़ आदि बनाने वाले कारखाने लगे हुए हैं। जिनमें दिन रात काम चल रहा है। इनसे काला व गंध वाला धुआं निकलता है। जो सांस के माध्यम से शरीर के अंदर पहुंचकर फैंफड़े को प्रभावित करता है। इससे टीबी व अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। सबसे अधिक बुरा असर छोटे बच्चों व गर्भवती महिला व उसके पेट में पल रहे शिशु पर पड़ता है। हालात यह हैं कि शहर के आसपास चल रहे इन गोरखधंधों पर निगरानी रखने का काम प्रशासनिक अफसरों से लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का है। यह दोंनो ही ऐजेसिंया बिना इजाजत के चल रही इन यूनिटों पर कार्रवाई नहीं करता।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नहीं करता कार्रवाई
शहर की आवोहवा में जहर घोला जा रहा है। लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चुपचाप देख रहा है। शहर के आसपास चल रहे ईंट भट्टे और गुड़ बनाने की फैक्ट्री धूल के गुवार को हवा में छोड़ रहे हैं। जिससे पूरा आसमान काला हो रहा है। लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को यह दिखाई नहीं दे रहा है या यूं कहं कि मौन स्वीकृति के साथ यह गड़बड़ झाला चल रहा है। इससे शहर से लेकर ग्रामीण तक में वायु प्रदूषण फैल रहा है। उसका असर यह देखा गया कि शहर के साथ साथ ग्रामीण में फैंफड़े संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ी है। शहर में लगे लाइव आंकड़े दिखाने वाली मशीनें भले ही प्रदूषण के आंकड़ों को नियंत्रित कर दें , लेकिन शहर क आसपास आसमान का कालापन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों के नियंत्रण की कहानी बयान कर रहा है।

