‘‘वन नेशन-वन इलेक्शन’’ के प्रस्ताव को मौदी कैबिनेट से मिली मंजूरी
नई दिल्ली. मोदी कैबिनेट ने ‘‘वन नेशन-वन इलेक्शन’’ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है। इसे संसद में शीतकालीन सत्र में पेश किया जायेगा। इस प्रस्ताव का जहां विपक्ष के नेताओं ने विरोध किया है। वही एनडीए में शामिल पार्टी इसका समर्थन कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसकी व्यावहारिकता पर सवाल खड़ किये है। वहीं असदुदृदीन ओवैसी ने कहा है कि यह संघवाद को खत्म करने वाला प्रस्ताव है।
‘‘वन नेशन-वन इलेक्शन’’ के प्रस्ताव का विराध करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा हैकि यह व्यावहारिक नहीं है। चुनाव आने पर ध्यान भटकाने के लिये वह (भाजपा) ऐसे मुद्दे उठाते हैं। यह सिर्फ ध्यान भटकाने का भाजपाई मुद्दा है। यह संविधान के खिलाफ है। यह लोकतंत्र के प्रतिकूल है। यह संघवाद के खिलाफ है। देश इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। हालांकि खड़गे की इस टिप्पणी पर केन्द्रीय अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि विपक्ष को ‘‘वन नेशन-वन इलेक्शन’’ को लेकर आतंरिक दबाव महसूस हो सकता है। क्योंकि एडवायजरी प्रोसेस के दौरान 80 प्रतिशत से अधिक लोगों ने प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया है। खासकर युवा इसके पक्ष में है।
BJP का एक और सस्ता हथकंडाः डेरेक ओ ब्रायन
राज्यसभा सांसद और TMC नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लेकर कहा कि यह लोकतंत्र विरोधी बीजेपी का एक और सस्ता हथकंडा है. उन्होंने सवाल पूछा कि हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनावों के साथ महाराष्ट्र के चुनावों की घोषणा क्यों नहीं की गई? आप एक बार में तीन राज्यों में चुनाव नहीं करा सकते और आप वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि हमें यह भी बताइए कि राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को कम करने या बढ़ाने सहित कितने संवैधानिक संशोधन किए जाएंगे.
अब वोट के लुटेरों का राज नहीं चलेगाः जीतनराम मांझी
बीजेपी नीत NDA गठबंधन में शामिल HAM के प्रमुख जीतन राम मांझी ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं, चुनावों की इस निरंतरता के कारण देश हमेशा चुनावी मोड में रहता है. इससे न केवल प्रशासनिक और नीतिगत निर्णय प्रभावित होते हैं, बल्कि देश के खजाने पर भारी बोझ भी पड़ता है. ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ से दलित मतदाताओं को भी सुविधा होगी. अब वोट के लुटेरों का राज नहीं चलेगा.
हमारा स्टैंड सकारात्मक – मायावती बोलीं
बसपा प्रमुख मायावती ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ को लेकर कहा कि इस व्यवस्था के तहत देश में लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय का चुनाव एक साथ कराने वाले प्रस्ताव को केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है. इस पर हमारी पार्टी का स्टैंड सकारात्मक है, लेकिन इसका उद्देश्य देश और जनहित में होना ज़रूरी है.

