महिला ने जूते पहनकर जैन मूर्तियों पर बैठकर आपत्तिजनक बनाई रील
ग्वालियर. . किले मेें जैन तीर्थकर की प्रतिमाओं पर बैठकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए रील बनाने का मामला सामने आया है। रील में महिला ग्वालियर किले पर जैन तीर्थकर की प्रतिमाओं के सामने खड़ी होकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही है। रील बनाने के दौरान महिला और उसके मौजूद लोग जूते -चप्पल पहन कर प्रतिमाओं के ऊपर बैठे और वीडियो में अभ्रद भाषा का भी इस्तेमाल किया हे।अखिल भारतीय श्री दिगम्बर जैन बरैया महासभा के एसएसपी धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर महिला और उसके साथियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
ग्वालियर किला तलहटी में प्राचीन जैन तीर्थकर प्रतिमायें है। जहां शिवपुरी के नरवर की रहने वाली प्रीती कुशवाह नाम की महिला ने अपने साथियों के साथ रील बनाकर तीर्थकर प्रतिमाओं को लेकर अभ्रद भाषा का इस्तेमाल किया है। महिला का वीडियो सामने आने के बाद जैन समाज आक्रोश में समाज के लोगों ने एसएसपी धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंप कर रील बनाने वाली महिला और उसके साथियों पर एफआइआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।

पत्थर के पुतले बताकर अपशब्द कहे
महिला ने रील बनाते हुए प्रतिमाओं को लेकर अपशब्द कहे। इस दौरान उसने कहा कि आप सबने प्लास्टिक और लकड़ी के पुतले देखे होंगे ये पत्थर का पुतला है। इसके बाद महिला ने अपशब्द कहे। वीडियो को लेकर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, जो तथ्य सामने आएंगे कार्रवाई की जाएगी।
मुनि श्री विलोक सागर ने कहा-
कड़ी सजा मिलनी चाहिए मुनि श्री विलोक सागर जी ने कहा है कि जिसने भी इस तरह की हरकत की है, वह गलत है क्योंकि यह आस्था का विषय है। दिगंबर जैन प्रतिमाएं हमारे पूर्वजों की धरोहर हैं। यदि किसी कारण से वे खंडित हो गई हैं, तो भी उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए।लोगों को चाहिए कि वे समझदारी और आस्था का परिचय दें। जो ऐसा करते हैं, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर आप किसी की आस्था का सम्मान नहीं कर सकते, तो ठेस पहुंचाने का भी हक नहीं है।

