मध्य प्रदेश राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक की 241 वीं बैठक एवम श्रम सम्मेलन जबलपुर खमरिया में हुई संपन्न
जबलपुर -मध्य प्रदेश इंटक की 241 वीं बैठक एवम श्रम सम्मेलन, गीतायन सभागार आयुध निर्माण फैक्ट्री खमरिया में आयोजित की गई, बैठक में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री माननीय दिग्विजय सिंह एवम अध्यक्षता मध्य प्रदेश इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आरडी त्रिपाठी ने की कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एसपी.मिश्रा, एलके.दुबे, रामराज तिवारी, अरूण कुमार दुबे, राजेंद्र सिंह (नाती) एवम अन्य गणमान्य सदस्यों की उपस्थिति में कार्यक्रम प्रारंभ किया गया ।मंच पर विराजमान मुख्य अतिथि,अध्यक्ष एवम विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण से स्वागत किया गया तत्पश्चात नव मनोनित प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों का स्वागत कर शपथ ग्रहण करवाया गया ।
इंटक प्रदेश अध्यक्ष आरडी.त्रिपाठी ने इंटक की गांधीवादी विचारधारा के साथ श्रमिकों के हित की रक्षा के लिए इंटक से संबद्ध सभी संगठनों के अध्यक्षों को एक जुट रहने केलिए अपील की गई साथ ही इस चुनावी वर्ष में किसान, श्रमिक/कर्मचारी विरोधी सरकार को हटाने एवम निम्न बिंदुओं को लेकर एजेंडा पारित किया गया जिसमे संविदा कर्मियों का नियमितीकरण , आउटसोर्स कर्मचारियों को संविलियन अथवा संविदा पर नियोजित करने, पुरानी पेंशन बहाली, एमपीआईआर. एक्ट को लागू करने, श्रमिकों को लिविंग वेज लागू करने, निगम मंडलों कि समितियों में श्रमिकों की पूर्ण भागीदारी सहित 12 सूत्रीय मांगों को पारित किया गया , मध्य प्रदेश की कांग्रेस पार्टी को अपने वचन पत्र में शामिल करने हेतु मंच से अनुरोध किया साथ ही भाजपा सरकार द्वारा संविदा, आउटसोर्स कर्मचारियों के हक की हकमारी जिस तीव्रता के साथ कर शोषण करने की पराकाष्ठा को पार कर रही है इससे निजात पाने केलिए खुल कर अपने परिवार , रिश्तेदारों के साथ सरकार को बदलने की तैयारी में जुटने की अपील की गई ।
मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने उद्बोधन में इंटक के सभी सुझावों को सहर्ष स्वीकार्य करते हुए कर्मचारियों के हित में कांग्रेस की सरकार बनते ही त्वरित निर्णय लेने हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त किए , साथ ही इंटक के विचार धारा एवम नेतृत्व में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को एक जुट रहने हेतु अनुरोध किया एवम किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हमेशा साथ में खड़े रहने हेतु आस्वस्थ किया है एवम सभी कर्मचारियों खास कर संविदा, आउटसोर्स के मांगों को प्रमुखता के साथ वचन पत्र में शामिल करने हेतु कहा गया है ।

