भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ क्रांती परतंत्र भारत को आजाद कराने का जनआंदोलन बन गयाः कांग्रेस
ग्वालियर- भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ के अवसर पर कांग्रेस भवन शिंदे की छावनी पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में विचार संगोष्ठी आयोजित की गई, कार्यक्रम का शुभारंभ कांग्रेस भवन में स्थापित राष्ट्रीय नेतांओ की प्रतिमा पर माल्यपर्ण कर राष्ट्रगान से किया गया।कार्यक्रम के अंत में कांग्रेसजनो ने राज्यसभा सांसद अशोक सिंह की माता, वरिष्ठ नेता अशोक सिकरवार की ताई, कांग्रेस नेत्री सुनीता तोमर की माता एवं कांग्रेस नेत्री नीतू चौहान के निधन पर 2 मिनिट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज हम यहाँ भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमारे देश के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक है, जब भारत को आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प. जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, लालबहादुर शास्त्री, बाबा साहेब अंबेडकर, खान अब्दुल गफ्फार खान, गुलजारी लाल नंदा, डॉ. राधाकृष्णन जैसे महान लाखो स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के नेतृत्व में समूचे देश ने अंग्रेज़ी हुकूमत को स्पष्ट संदेश दिया था कि ’’अंग्रेज़ों, भारत छोड़ो !’’
9 अगस्त 1942 को शुरू हुआ यह आंदोलन केवल स्वतंत्रता की मांग नहीं था, बल्कि यह संकल्प था कि हम अपने आत्मसम्मान, स्वाभिमान और आज़ादी के लिए किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। देश के कोने-कोने में किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं सभी एकजुट होकर बलिदान दिया। हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएँ सही, गोलियों का सामना किया, और अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम में संगठन प्रभारी महाराज सिंह पटेल, वीरसिंह तोमर, अविनाश गुप्ता सहित अनेक कांग्रेस जन सम्मिलित थे।

