फूलबाग मैदान में 1 से 13 अक्टूबर के बीच होगा रामलीला का मंचन, 30 सितम्बर श्यामखाटू के भजन, 12 अक्टूबर दशहरा चला समारोह में आतिशबाजी-रमेश अग्रवाल
ग्वालियर. हरवर्ष की भांति इस बार भी फूलबाग मैदान में श्रीरामलीला समारोह समिति के द्वारा 30 सितम्बर से 13 अक्टूबर के बीच 78वॉ रामलीला का प्रतिदिन रात 8 बजे से मंचन किया जायेगा। आपको बता दें कि रामलीला को यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिया गया है। शुरूआत में 30 सितम्बर सोमवार की शाम 8 बजे खाटूश्याम संकीर्तन में कलकत्ता के भजन गायक संजय मित्तल और दिल्ली के शीतल पांडें के द्वारा भजन प्रस्तुत किये जायेंगे। 6 अक्टूबर को बैजाताल में होने वाले केवट संवाद के मचंन को निरस्त किया गया है। 12 अक्टूबर को 4 बजे अचलेश्वर मंदिर से दशहरा चल समारोह फूलबाग मैदान पहुंचने के बाद विजयदशमी पर रावण का 65 फीट, मेघनाद 55 और कुंभकरण 50 पुतले का दहन 9 बजे किया जायेगा। यह जानकारी पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल ने आयोजित पत्रकारवार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष विष्णु गर्ग, विजय गोयल, राजकुमार, विजय गर्ग, रामनिवास महेश्वरी और रामनारायण मिश्रा आदि पदाधिकारी शामिल रहें।
यह है रामलीला में होगे मंचन
फूलबाग मैदान में 30 सितम्बर कार्यक्रम प्रारंभ किये जायेंगे।
1 अक्टूबर मंगलवार को संगीतमय सुन्दरकांड शाम 6 बजे से शुरू किया जायेगा।
2 अक्टूबर बुधवार को श्रीगणेश पूजन के उपरांत रामलीला में शिव-पार्वती संवाद एवं नारद मोह का मंचन।
3 अक्टूबर गुरूवार को मनु सतरूपा तपस्या, रावण तपस्या, मेघनाथ विजय व श्रीराम जन्म।
4 अक्टूबर शुक्रवार को मुनि आगमन, ताडका सुबाहू, मारीच बध, अहिल्याउद्वार, गंगानगर दर्शन (मीना बाजार एवं भव्य मेला)
5 अक्टूबर शनिवार को रावण वाणासुर संवाद, लक्ष्मण जनक संवाद, धनुष यज्ञ, रामविवाह (वरमाला)
6 अक्टूबर रविवार को कैकई दशरथ संवाद, राम वनवास, केवट संवाद (बैजाताल) संवाद निरस्त किया गया है।
7 अक्टूबर सोमवार को राजा दशरथ मरण, भरत मिलाप, भगवान श्रीराम का पंचवटी निवास।
8 अक्टूबर मंगलवार को सूपर्णखा नासिका छेदन, खरदूषण वध, सीताहरण और शबरी माता से मिलन।
9 अक्टूबर बुधवार को सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंकादहन, सीता खोज।
10 अक्टूबर गुरूवार को रामेश्वर स्थापना विभीषण शरणागति, अंगद-रावण संवाद।
11 अक्टूबर शुक्रवार को श्री लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध।
12 अक्टूबर शनिवार को अहिरावण का वध, मेघनाद वध, रावण वध।
13 अक्टूबर रविवार को श्रीराम का राज्याभिषेक एवं आतिशबाजी का आयोजन।

