पदोन्नति में आरक्षण के प्रकरण में बहस हुई कम्पलीट, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रमोशन की पॉलिसी का कहां हुआ पालन
जबलपुर. पदोन्नति में आरक्षण को लेकर मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक बार फिर से सुनवाइ्र की गयी है। इस दौरान कोर्ट के समक्ष अजाक्स और सपाक्स की बहस हुई है। सपाक्स ने हाईकोर्ट के सामने कर्मचारियों के ग्रेडेशन के आंकड़े भी रखे। जिस पर आरक्षित वर्ग के कर्मचारियेां के अधिवक्ता का हवाला दिया गया है। इधर, नयी प्रमोशन पॉलिसी पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार बताये कि प्रमोशन पॉलिसी में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का कहां पर पालन किया है।

हाईकोर्ट ने कहा है कि आरबी राय मामले में बताई गयी कमियों को पूरा करने के लिये सरकार ने क्या किया है। हाईकोर्ट ने यह भी सवाल किया कि पुरानी पॉलिसी में किन सुधारों के बाद नयी पॉलिसी लायी गयी है। इस मामले पर सुनवाई के बीच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिये एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगामी सुनवाई अब 3 फरवरी को तय की गयी है। ऐसा माना जा रहा है कि राज्य सरकार के जवाब के बाद फैसला सुरक्षित रखा जा सकता है।
सपाक्स की तरफ से हाईकोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता अमोल श्रीवास्तव ने बताया है कि आज सरकार और अजाक्स के वकीलों को हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान बोलने का समय दिया था। उसके बाद याचिकाकर्ता के वकील के द्वारा रिजाइंडर में बहस की गयी है। हाईकोर्ट ने मामले पर महाधिवक्ता से कहा है कि 3 फरवरी जो कि अगली सुनवाई होगी। तब इस बात पर प्रकाश डाले कि पुराना जो कि आरबी राय का फैसला था। उसमें क्या कमियां थी।

