नगरनिगम ने गेल इंडियो को 2 करोड़ 91 लाख की गैस, प्रतिदिन 400 किलो गैस जलाकर की नष्ट, गीला कचरा उपलब्ध नहीं करा रहे अधिकारी
ग्वालियर. मध्यप्रदेश की आदर्श गौशाला लालटिपारा में चालू किया गया है। बायो सीएनजी प्लांट पूरी क्षमता से गैस का उत्सर्जन नहीं कर पा रहा है। वजह, जिन निगम अधिकारियों पर 30 टन गोबर और 20 टन गीला कचरा से एकत्रित कराने का दायित्व है। वह इसमें रूचि नहीं ले रहे है। इस वजह से वर्तमान में एक टन गैस ही प्रतिदिन बन पा रही है। जबकि इसकी क्षमता प्रतिदिन 2 टन की है। इस वजह से निगम को प्रतिदिन 50 हजार रूपये नुकसान हो रहा है। यदि प्लांट की क्षमता नहीं बढ़ाई गयी तो 50 प्रतिशत क्षमता से प्लांट ने काम किया तो निगम को वर्ष भर2.12 करोड़ रूपये के राजस्व की हानि होगी।
गेल इंडिया से किये गये अनुबंध के आधार पर निगम ने 6 दिन में 2.91 रूपये का राजस्व मिल चुका है। प्लांट पूरी क्षमता से चले इसके लिये निगमायुक्त संघप्रिय कई बार अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। निगमायुक्त ने हाल ही में विधानसभा के सभ स्वास्थ्य अधिकारी, जोनल हेल्थ अधिकारी और गौशाला प्रभारी को लिखित में जिम्मेदारी दी है। इसके बाद भी मैदान में काई कसावट नजर नहीं आ रही है।
गोबर एकत्रित करने के लिए यह बनाया प्लान
विधानसभा स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारी: डेयरियों, दुग्ध उत्पादन संस्था में पशुओं की गणना कर जानकारी उपायुक्त स्वास्थ्य को देंगे। इससे गोबर का संग्रहण आसान होगा। होटल, रेस्टारेंट, मैरिज गार्डन, मंडी आदि से खाद्य पदार्थ को संग्रहण कर सीबीजी प्लांट पहुंचाएंगे।
जोनल हेल्थ अधिकारी: डेयरी और दुग्ध केंद्रों से गोबर का संग्रहण कराकर प्लांट पहुंचाएंगे। डेयरी और दुग्ध केंद्र संचालक गोबर न देकर सड़क पर डालते पर जुर्माना करेंगे।
गौशाला प्रभारी: विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले गोबर को गौशाला में धर्मकांटा से तोल कराकर रिकार्ड तैयार करेंगे। इससे गड़बड़ी नहीं होगी।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, कार्रवाई होगी
अभी स्वच्छ सर्वेक्षण के चलते स्टाफ व्यस्त था। अब ड्यूटी आदेश निकालकर जिम्मेदारी दे दी गई है। बायो सीएनजी प्लांट पर शेष गोबर और गीला कचरा पहुंचाया जाएगा। कोई जिम्मेदार लापरवाही बरतेगा तो एक्शन लूंगा। –
संघ प्रिय, आयुक्त

