ग्वालियर में शराब दुकानों पर एमआरपी से 20% अधिक कीमत वसूलने के स्टिंग से सिंडिकेट में हड़कंप, रात तक हुई जांच
ग्वालियर. शराब दुकानों पर एमआरपी से 20% अधिक कीमत वसूलने के स्टिंग के बाद शराब सिंडिकेट में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के डर से शराब की दुकानों पर अधिकतम खुदरा मूल्य यानि एमआरपी से ज्यादा पर शराब बेचना तत्काल बंद कर दिया गया। कालाबाजारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन के निर्देशन में आबकारी विभाग ने अलग-अलग दुकानों पर अपनी टीम भेज टेस्ट परचेज कराया इसमें निजी व्यक्तियों को शराब खरीदने के लिए भेजा गया तो एमआरपी से ज्यादा पर शराब नहीं बिकती मिली और सभी दुकानों पर पंचनामा भी तैयार किया गया साथ ही रिपोर्ट सहायक आयुक्त को सौंपी गई। आबकारी विभाग के अफसरों ने शराब ठेकेदारों की फटकार भी लगाई। ठेकेदारों ने आबकारी विभाग को आश्वस्त किया है कि अब एमआरपी से ज्यादा रेट पर शराब नहीं बिकेगी।
एमआरपी से 20% ज्यादा बेच रहे
अंक में शराब दुकानों पर एमआरपी से 20 प्रतिशत तक ज्यादा कीमत पर शराब बेचने के मामले में शराब दुकानों पर स्टिंग ऑपरेशन किया। शराब में सिंडिकेट- एमआरपी से 20 प्रतिशत ज्यादा बेच रहे, शीर्षक से इस पूरे मामले को प्रकाशित किया गया इसके बाद शराब ठेकेदारों में इसको लेकर हड़कंप मच गया और तत्काल सभी शराब दुकानों पर एमआरपी से ज्यादा पर शराब न बेचने का मैसेज दुकानों पर जारी कराया गया। वहीं आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त संदीप शर्मा ने अपने अमले को शहर की सभी शराब दुकानों पर टेस्ट परचेज के लिए रवाना किया।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
शराब दुकानों पर एमआरपी से ज्यादा पर शराब बेचे जाने के मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने संज्ञान लिया और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अफसरों को निर्देश दिए। कलेक्टर ने बुधवार को ही सभी शराब दुकानों पर एमआरपी से ज्यादा कीमत वसूलने की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। आबकारी विभाग ने सुबह से शाम तक सभी दुकानों पर जांच कराई।

