ग्वालियर-इटावा के बीच अब इलेक्ट्रिक इंजन से दौडेंगी ट्रेने, ट्रायल में 1 घंटे 52 मिनट में ग्वालियर से ऊदी मोड इटावा पहुंचा इंजन
ग्वालियर. अब जल्द ही ग्वालियर से इटावा के बीच ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेगी। ग्वालियर से इटावा के 120 किलोमीटर वाले इस रूट पर सोमवार-मंगलवार की दरियमानी रात में प्रयोग के तौर पर दौड़ाया गया इलेक्ट्रिक इंजन ग्वालियर से ऊदी मोड महज 1 घंटे 52 मिनट में बिना किसी रुकावट के पहुंच गया। इस सफल परीक्षण के बाद जल्द ही रेलपथ सुरक्षा आयुक्त संरक्षा निरीक्षण करेंगे। सीआरएस की हरी झण्डी मिलते ही ग्वालियर से इटावा के बीच ट्रेनों का परिचालन इलेक्ट्रिक इंजन से शुरु कर दिया जाएगा। अभी तक यहां डीजन इंजन से गाड़ियां चलती रही हैं।
ग्वालियर-इटावा रेल ट्रैक पर (ओवर हैड इलेक्ट्रिक) लाइन एक महीने पहले ही डाली जा चुकी है। इस रूट पर जल्द ट्रेनों का परिचालन इलेट्रिक इंजन से हो सके इसके लिए रेल मण्डल झांसी से मिले निर्देश के बाद सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 12 बजकर 35 मिनट पर ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार से इलेक्ट्रिक इंजन को दौड़ाया गया। रेल ट्रैक पर दौड़ाया गया इलेक्ट्रिक इंजन 2 बजकर 28 मिनट पर ऊदी मोड पर जा पहुंचा। वहीं लौटते में इंजन ऊदी मोड से 3 बजे रवाना किया गया जो मंगलवार सुबह 5.30 बजे बिना किसी रुकावट के ग्वालियर स्टेशन पहुंच गया।
यात्रियों को होगा फायदा
ग्वालियर से इटावा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों के चलने से इस रूट पर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। ग्वालियर से भिंड, , इटावा जाने और आने वाले यात्रियों के समय की बचत होगी और सफर भी आसान होगा। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को भी इटावा के रास्ते ग्वालियर लाया जा सकता है।

