गुरूवार को राज्य कर्मचारी संघ का धरना होगा शुरू, भोपाल में आयेंगे हजारों कर्मचारी, 6 संगठनों ने किया समर्थन
भोपाल. पुरानी पेंशन दोबारा लागू करने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन ही सही पदोन्नति शुरू करने, 4प्रतिशत महंगाई भत्ता तत्काल देने समेत 26 सूत्रीय मांगों को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने गुरूवार को भोपाल के आम्बेडकर पार्क में धरना-प्रदर्शन कर रहा है। इसमें प्रदेशभर से हजारों कर्मचारियों के शामिल होने का अनुमान है। पुलिस आयुक्त भी धरना-प्रदर्शन की अनुमति इस शर्त के साथ दे दी है कि कोई रैली या पदयात्रा नहीं निकाली जायेगी।
धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिये दूरदराज के जिलों कर्मचारी देर शाम को रवाना हों जायेंगे। कर्मचारियों का गुरूवार की अलसुबह से भोपाल पहुंचना शुरू हो जायेगा। यह प्रदेश में कर्मचारियों की उपेक्षा के खिलाफ लड़ाई की शुरूआत है। संघ के इस आन्दोलन को अन्य प्रमुख कर्मचारी संगठनों (मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ समेत अन्य)ने समर्थन दिया है। इन संगठनों के नेता भी धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे।
प्रमुख मांगें …
मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना वरिष्ठता के साथ लागू करें।
संचालक पशुपालन जैसे प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के अधीन शीघ्र प्रारंभ की जाए।
प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं पेंशनरों को एरियर सहित केंद्र के समान महंगाई भत्ता दें।
7वें वेतनमान अनुसार प्रदेश के नियमित एवं निगम-मंडल के कर्मचारियों को गृह भाड़ा भत्ता एवं अन्य भत्ते दें।
पेंशनर और निगम-मंडल सहित सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मंत्री परिषद के आदेश 4 अप्रैल 2020 के तहत दें।
विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति का निराकरण वेतन आयोग से कराया जाए।
नए शिक्षा संवर्ग में नियुक्त अध्यापक संवर्ग की नियुक्ति नहीं संविलियन करें और सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करते हुए वरिष्ठता के आदेश जारी कर, क्रमोन्नति दें।
सहायक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षक को चतुर्थ समयमान वेतन नहीं दिया है, जो नियुक्ति दिनांक से दें।
दैनिक वेतन भोगी, संविदा, स्थाई कर्मियों को विभाग में रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित कर शेष पदों पर सीधी भर्ती की जाए। विभागाध्यक्ष को अपने विभाग में इन कर्मियों को नियमित करने के अधिकार दें।
लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान दें एवं उच्च पदभार के आदेश जारी करें।

