आज दोपहर 2 बजे किसानों व सरकार के बीच छठे दौर की वार्ता होगी
नई दिल्ली. नए कृषि कानून पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच 30 दिसंबर को बातचीत होनी है इस बीच किसान संगठनों ने कृषि मंत्रालय के सचिव को लिखा है कि हम 30 दिसंबर को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए निमंत्रण स्वीकार करते है। उन्होंने सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत के तहत कृषि कानून को रद्द करने और एमएसपी पर कानूनी गारंटी प्रदान करने के लिए कानून लाने के लिए अपने प्रस्तावित एजेंडे को दोहराया है।
वर्ता दो बजे विज्ञान भवन में होगी
सरकार के साथ यह वर्ता बुधवार को दो बजे विज्ञान भवन में होनी है। किसान संगठनों की वार्ता की पेशकश को सरकार ने आगे बढ़कर स्वीकार किया था। किसानों के अडियल रूख के बावजूद सरकार को वार्ता में समाधान की पूरी उम्मीद है। बुधवार 30 दिसंबर को होने वाली पूर्व निर्धारित वार्ता से ठीक पहले आंदोलनकारी किसान नेताओं के अडियल रूख से सुलह की पहल को धक्का लगा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को पत्र लिखकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है।
तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने पर ही बातचीत करेंगे
किसानों का कहना है कि वे तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की लीगल गारंटी के एजेंडे पर ही बातचीत करेंगे। सरकार को कृषि कानूनों को रद्द करने के तौर तरीके पर ही चर्चा करनी होगी। वार्ता से पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल, वाणिज्य व खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर वार्ता में उठने वाले मुद्दों और उनके समाधान के बारे में चर्चा की। सरकार किसानों की शंकाओं के समाधान को लेकर गंभीर है लेकिन वार्ता से पूर्व किसान संगठनों के ताजा रूख से सुलह की कोशिरूा को धक्का लगा है।

