हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में अम्बेडकर प्रतिमा विवाद अब राजस्थान-हरियाणा और दिल्ली पहुंचा, जयपुर हाईकोर्ट में लगी मनु की मूर्ति हटाने की चेतावनी
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच कैम्पस में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना का विवाद गहराता जा रहा है। मामले में भीम सेना के कूंद जाने से अब यह विवाद अब राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा तक पहुंच गया है। भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने चेतावनी दी है कि अगर अम्बेडकर प्रतिमा स्थापित नहीं होती है तो जयपुर हाईकोर्ट में लगी मनु ऋषि की मूर्ति हटा दी जायेगी। यह पूरा विवाद 19 फरवरी को ग्वालियर हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के नाम ज्ञापन देने से शुरू हुए थे।
2 दिन पूर्व जबलपुर में दोनों पक्ष चीफ जस्टिस सुरेशकुमार कैत से मिले थे। इसके बाद दोनों पक्षों को कुछ तक रूकने और माहौल को समझकर कदम उठाने की सलाह दी गयी। अब ग्वालियर में दोनों पक्ष बैठकें कर अपनी रणनीति बना रहे हैं।

अब भीम सेना की एंट्री से दिल्ली-हरियाणा, एमपी अलर्ट
ग्वालियर का अंबेडकर प्रतिमा विवाद में भीम सेना की एंट्री होने से अब दिल्ली, हरियाणा और एमपी अलर्ट पर हैं । ग्वालियर में वकीलों के बीच अब यह बड़ा विवाद बनता जा रहा है। दिल्ली के पास गुरुग्राम (हरियाणा) में भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि अगर ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब की प्रतिमा नहीं लगी, तो जयपुर हाईकोर्ट में मनु की प्रतिमा भी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने से रोकना न सिर्फ गलत है, बल्कि यह संविधान निर्माता और एससी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने न सिर्फ भारत के संविधान की रचना की, बल्कि शोषित वर्ग को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का ऐतिहासिक काम भी किया।

