मुरैना और भिंड के 61 गांव बाढ़ में घिरे, बचाव कार्य में लगे हैं तीन हेलिकाप्टर
भोपाल. विदिशा, रायसेन, गुना, राजगढ़ में बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब मुरैना और भिंड के 61 गांव बाढ़ में घिर गए है। चंबल नदी खतरे के निशान से 7 मीटर ऊपर बह रही है। राहत और बचाव में केंद्र और राज्य दोनों के आपदा बल जुटे है। सेना के तीन हेलिकॉप्टरों से बाढ़ में घिरे गांवों से व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने गुरूवार को मंत्रालय स्थित सिचुएशन रूम से प्रदेश में वर्षा की वर्तमान स्थिति चंबल बेसिन में बाढद्य और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित एक-एक व्यक्ति को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है।
मुरैना कलेक्टर बक्की कार्तिकेयन ने बताया कि चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा है और स्थिति को देखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। श्योपुर कलेक्टर शिवम वर्मा और भिंड कलेक्टर शैलेंद्र चौहान से भी मुख्यमंत्री ने जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रभावितों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। आमजन से अपील करें कि कोई भी चंबल बेसिन में न जाए। अपर मुख्य सचिव गृह डा. राजेश राजौरा ने बताया कि मुरैना में दो राष्ट्रीय और नौ राज्य आपदा बल की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। भिंड में सात राज्य आपदा बल की टीम तैनात हैं।

