महामहिम सरकारी एजेंसियों के दुरूपयोग पर रोक लगांऐ- कांग्रेस
ग्वालियर 16 अप्रेल। कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी एवं लोकसभा में नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्यवाही करते हुए केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करते हुए जो कार्यवाही कर रही है उसके खिलाफ मप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर प्रदेश के समस्त जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा अपने-अपने जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया, इस तारत्मय मे शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ देवेन्द्र शर्मा के नेतृत्व एवं राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष प्रभूदयाल जौहरे, विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार, साहब सिंह गुर्जर, सुरेश राजे, पूर्व विधायक प्रदेश महासचिव प्रवीण पाठक, प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा, की उपस्थिति में शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा अलकापुरी सिटी सेंटर स्थित कलेक्टर मुख्यालय पर प्रदर्शन कर आक्रोष दर्ज कराया एवं महामहिम राष्ट्रीय महोदया के नाम कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंपा गया।
महामहिम राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि आज जब भारत 75 वर्षों से अधिक पुराने लोकतंत्र की विरासत का दावा करता है, तब देश के भीतर एक खतरनाक प्रवृत्ति लगातार गहराती जा रही है, केंद्र सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की। विशेष रूप से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई, लोकतंत्र की आत्मा को निरंतर घायल कर रही है! हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के विरुद्ध नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (म्क्) द्वारा आरोप पत्र दाखिल किया गया है। यह न केवल अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि स्पष्ट रूप से यह केंद्र सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की संकीर्ण मानसिकता का भी प्रतीक है। जिस परिवार ने इस देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया, जिनके अपने बलिदान हुए, उस गांधी-नेहरू परिवार को केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार बार-बार अपमानित करने का असफल प्रयास कर रही है। 2014 से लगातार यह देखा जा रहा है कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी, सीबीआई, आईटी जैसी एजेंसियों का मनमाना उपयोग किया जा रहा है! इससे यह स्पष्ट है कि यह एक राजनीतिक हथियार के रूप में एजेंसियों को प्रयोग करने की रणनीति है।
हम महामहिम से मांग करते हैं
1- यह कि आप भारत के संविधान के संरक्षक हैं, कृपया इस गंभीर प्रकरण में स्वतः संज्ञान लें और केंद्र सरकार से जवाब तलब करें कि बिना किसी मूल शिकायत के किस आधार पर वर्षों पुराने प्रकरण को पुनः खोलकर विपक्ष के शीर्ष नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है?
2- यह कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता की आड़ में लोकतंत्र को कुचलने की साजिश को रोका जाए। देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बचाने हेतु भी आप तत्काल हस्तक्षेप करें।
3- यह कि इस प्रकार की कार्रवाइयों पर तत्काल निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच की व्यवस्था हो, जिससे देश की जनता के बीच एजेंसियों की निष्पक्षता और लोकतंत्र की साख बची रह सके।

