मप्र में बारिश के लिए बच्चियों को बिना कपड़ों के घुमाया, बाल आयोग ने कलेक्टर से 10 दिन में एक्शन लेने को कहा
दमोह. अंधविश्वास की एक घटना सामने आई हैं। यहां जबेरा ब्लॉक के आदिवासी बहुल्य बनिया गांव में बारिश न होने पर टोटका किया गया। इसमें महिलाओं ने अपने ही घर की बच्चियों को बिना कपड़ों के गांव की गलियों में घुमाया। महिलाओं का मानना है कि ऐसा करने से इतनी बारिश होती है कि माता की प्रतिमा का गोबर धुल जाता है। मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य को नोटिस जारी कर 10 दिन के अंदर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कलेक्टर से बच्चियों का आयु प्रमाण पत्र, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। कलेक्टर ने जांच में तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की बात कही है।
बच्चियों की उम्र 3 से 4 साल के बीच
बनिया गांव के लोग कम बारिश होने से परेशान हैं। रविवार सुबह गांव की महिलाएं इकट्ठा हुईं और 3 से 4 साल की बच्चियों को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में एक चक्कर लगवाया। ग्रामीणों ने बच्चियों से खेर माता को गोबर से ढंकवाया और अनाज कूटने वाले मूसर को उलटा रखवा दिया इसके बाद गांव की महिलाओं ने मंदिर में भजन-कीर्तन किया। यहां भंडारे का आयोजन भी किया गया।
एसपी ने कहा– अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली, जांच होगी
एसपी डीआर तेनीवार ने बताया कि आदिवासी महिलाओं ने ऐसा किया है। इसका वीडियो सामने आया है, हालांकि, अभी तक अभिभावकों ने किसी तरह की शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई है। वे इस तरह के टोटका करते रहते हैं। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी।

