मप्र में पंचायत चुनाव के लिए नए सिरे से बनेगी मतदाता सूची
भोपाल. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को बहाल कराने की कवायद के बीच शिवराज सरकार ने पंचायत चुनाव से जुड़े एक और नियम में संशोधन कर दिया है। अब चुनाव तभी कराए जा सकेंगे जब मतदाता सूची नए सिरे से तैयार होगी। दरअसल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 में यह संशोधन कर दिया है कि किसी भी कैलेंडर वर्ष में अधिसूचित सामान्य निर्वाचन के लिए उसी वर्ष में जनवरी के प्रथम दिवस की स्थिति के अनुसार पुनरीक्षित मतदाता सूची अनिवार्य होगी। इसके मायने यह हुए कि 1 जनवरी 2022 की स्थिति में केंद्रीय निर्वाचन आयोग 5 जनवरी को जो मतदाता सूची जारी करेगा उसके अनुसार ही अब मतदाता सूची तैयार कराकर चुनाव कराने होंगे।
मप्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त
राज्य निर्वाचन आयोग अभी एक जनवरी 2021 की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव करा रहा था। इसके अनुसार कुल तीन करोड़ 92 लाख 51 हजार 811 मतदाता थे। मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश को वापस लेने के बाद वर्ष 2019 में कमल नाथ सरकार द्वारा कराया गया पंचायतों का परिसीमन लागू हो गया है। न तो मतदाता सूची इसके अनुरूप है और न ही आरक्षण। इसकी वजह से राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव कार्यक्रम को निरस्त कर दिया है।

