मप्र में दिवाली पर 2 घंटे तक फोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे, एनजीटी ने कहा एयर इंडेक्स 200 से ज्यादा तो अनुमति नहीं
भोपाल. दिवाली पर मध्य प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है, त्योहार पर आप पटाखे फोड़ सकेंगे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गुरूवार को इस संबंध में सशर्त आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया कि जिस शहर की वायु गुणवत्ता (एयर इंडक्स क्वालिटी) 101 से 200 के नीचे है वहां दिवाली पर दो घंटे ग्रीन पटाखे फोड सकेंगे। अच्छी बात ये है कि 28 अक्टूबर तक प्रदेश कहीं पर भी 200 से ज्यादा एआईक्यू नहीं है। यहां तक कि इंडस्ट्रियल एरिया में भी यह 150 के आसपास ही है।
कोविड के चलते इस बार भी दिवाली, क्रिसमस पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। इस संबंध में दायर याचिका पर एनजीटी ने 20 पेज का आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने पटाखों को लेकर आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने जहां दिल्ली व एनसीआर में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वहीं, एनजीटी ने शहरों की वायु गुणवत्ता के आधार पर पटाखे फोड़ने या रोक लगाने के निर्देश संबंधी शहर के कलेक्टर, राज्य सरकार और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की जवाबदेही तय की है।
मध्यप्रदेश में इंडस्ट्रियल एरिया की स्थिति
प्रदेश के बड़े इंडस्ट्रियल एरिया में भी 28 अक्टूबर को एयर इंडेक्स 150 के करीब है। यानी यहां स्थिति कंट्रोल में है। भोपाल के मंडीदीप, गोविंदपुरा, इंदौर के पीथमपुर, देवास, छिंदवाड़ा, जबलपुर मर्यादित दुग्ध संघ, सांवेर रोड, मुरैना में बानमोर, भिंड का मालनपुर, सतना में वैष्णव फ्लोर मिल एरिया, कटनी में भी 100 से 150 के बीच में है। वहीं, उज्जैन में महाकाल मंदिर और आसपास के इंडस्ट्रियल में 100 से 150 के करीब है।
शहरों में कहां-क्या हाल
ग्वालियर कंपू और बाड़ा में एआईक्यू 100 से ज्यादा है। भोपाल में सबसे बुरी स्थिति होशंगाबाद रोड पर है। कोलार रोड पर फिर मृगनयनी हमीदिया रोड, गोविंदपुरा में सबसे प्रदूषित इलाके हैं। इंदौर में 100 के नीचे ही है।

