पूर्वमंत्री सचिन यादव ट्रैक्टर चला कर पहुंचे कलेक्ट्रेट, कांग्रेस MLA बोले-भाजपा वादा खिलाफी कर रही है

ग्वालियर. मप्र कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर निकाली गयी किसान न्याय यात्रा में सिर्फ कांग्रेसी, कांग्रेस किसान नेता ही दिखाई दिये। असली किसान तो नदारद ही रहे। कांग्रेस नेताओं ने आधा सैकड़ा ट्रैक्टरों पर सवार होकर शहर के फूलबाग मैदान के सेंटर पॉइंट से अपनी यह किसान न्याय यात्रा को लेकर कलेक्ट्रैट पहुंचे। मप्र के पूर्व कृषिमंत्री सचिन यादव ट्रैक्टर चलाते हुए नेतृत्व कर रहे थे और उनके साथ में कांग्रेस विधायक सतीश सिकरबार, साहब सिंह गुर्जर आदि भी मौजूद रहें।

महिला कांग्रेस नेता भी ट्रैक्टर चलाते हुए दिखाई दिये है। इस बीच कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया गया है। किसान न्याय यात्रा में पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि भाजपा हमारे किसानों के साथ अन्याय कर रही है। वादा खिलाफी कर रही है। कभी नारा देती है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का काम किया जायेगा। किसानोंका गेहूं 2600 रूपये क्विंटल खरीदा जायेगा। धान 3 हजार रूपये खरीदी जायेगी। सभी का कर्ज माफ कर रही है, लेकिन किसानोंका कर्जा माफ करने पर हाथ खड़े कर देती है।
यहां से निकली किसान न्याय यात्रा
ग्वालियर में फूलबाग से शुरू होकर किसान न्याय यात्रा पड़ाव के पुराने शास्त्री ओवर ब्रिज से निकाली गई। पड़ाव पुल से होते हुए गांधी रोड, होटल तानसेन के सामने से सिटीसेंटर होटल सेन्ट्रल पार्क के सामने से साडा का पुराना ऑफिस रोड से सचिन तेंदुलकर मार्ग पर कुलपति बंगला पहुंची और यहां से कलेक्ट्रेट के लिए पहुंची। किसान न्याय यात्रा में करीब एक सैकड़ा के लगभग ट्रैक्टर और उन पर सवार कांग्रेस नेता था। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कांग्रेस ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की है। केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।
कांग्रेस का आरोप-भाजपा सरकार वादाखिलाफी कर रही है
ग्वालियर पहुंचे मध्य प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन यादव, ग्वालियर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने किसानों से आय दोगुनी करने का झूठा वादा किया। उन्होंने किसानों से झूठ बोला कि 2022 तक आय दोगुनी हो जाएगी। गेहूं 2600 रुपए क्विंटल खरीदा जाएगा। धान की खरीद 3000 हजार रुपए क्विंटल खरीदी जाएगी। साथ ही कहा कि किसानों का कर्ज माफ न करने से किसानों में भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश है।

