नमामि गंगे प्रोजेक्ट में मुरार नदी होगी पुर्नजीवित, रमौआ बांध से जड़ेरूआ बांध 9 किमी में है अतिक्रमण
ग्वालियर. मुरार नदी को पुर्नजीवित और पिकनिक स्पॉट्र बनाने के नदी किनारे का अतिक्रमण और निजी भूमि बाधा बन रही है। नगरनिगम के सर्वे के बाद बनी रिपोर्ट में भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने की बात सामने आयी है। नमामि गंगे प्रोजेक्टर की प्रोफाइल के हिसाब से नदी की चौड़ाई 30-50 मीटर होनी चाहिये। जबकि सर्वे में नदी की चौड़ाई कई जगहों पर 18 से 30 मीटर तक मिल रही है।
मुरार नदी को पुर्नजीवित प्रोजेक्टर के तहत पिछले 18 महीने से काम चल रहा है। रमौआ बांध के पास पांड तालाब निर्माण समेत अन्य कार्य चल रहे हैं। यहां पॉण्ड में सबसे पहले रमौआ बांध से निकली जलधारा गिरेगी और फिर शुरू होगी नदी किनारे की पिकनिक, मुरार नदी 12.23 किमी में रमौआ से जड़ेरूआ बांध तक बहती हैं इतने भाग में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य 3 चरणों में किया जायेगा। पहला चरण पूरा कंपनी नहीं कर सकी है। निगमायुक्त अमन वैष्णव ने कहा है कि प्रोजेक्ट के तहत जहां अतिक्रमणउ की पहचान होती जा रही है उसे हटाने की कार्यवाही करेंगें।
कहां पर क्या है परेशानी और समाधान
डोंगरपुर पुलिया से सिरोल पुलिया तक
यहां पर नदी की चौड़ाई 24 मीटर है। जबकि निर्माण कार्य के लिये 30 मीटर जगह चाहिये। यहां पर डाउन स्ट्रीम में निजी भूमि मिली है।
हुरावली ब्रिज तक -सर्वे के दौरान 24.62 मीटर मिली है। यहां भी जगह 30 मीटर से कम है। सिरोल गांव के पास बांई ओर निजी भूमि का मामला सामने आया है। यहीं पर 25.68 इलाका नदी का मिल रहा है।
हुरावली पुल से शहीद गेट तक-सिर्फ 18.50 मीटर ही नदी का एरिया है। प्रोफाइल कार्य के लिये 30 मीटर चौड़ाई नहीं है। यहां दहिने हाथ पर निजी भूमि है। साइट पर अतिक्रमण अस्थाई है। यहां आगे 14.45 मीटर है। घोसीपुरा के पास किनारे पर निजी भूमि का मुद्दा है। शहीद पुल से नदी टाल प्रोजेक्टर में उक्त स्थल पर 50 मीटर का एरिया चाहिये। जबकि जगह 35.78 मीटर है। यहां पर सड़क और दीवार बनाने के लिये जगह चाहिये। इस हिसाब से एरिया कम है।
नदी टाल से काल्पी ब्रिज –नदी किनारे सड़क और दीवार बनाई जाना है। वर्तमान में 21.75 मीटर का एरिया है। जबकि 50 मीटर चौड़ाई की जगह चाहिये।
समाधान
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत काम प्रोफाइल के हिसाब से पूरा करने के लिए नदी किनारे के अतिक्रमण को हटाने के साथ निजी भूमि का भी अधिग्रहण करना होगा। नदी किनारे 17 बिजली के खंभे भी लगे है। उन्हें हटाने के लिए बिजली कंपनी और निगम अफसरों ने सर्वे कर लिया है।
नदी में तालाब और बगल में गजेबो एवं द्वार बनेगा
मुरार नदी को संवारने के लिए 12.23 किलोमीटर एरिया में काम होना है। यहां 2.6 किमी हिस्से में दोनों तरफ कंक्रीट पथ का निर्माण होना है। नदी किनारे 2368 मीटर हिस्से में बनाई जाएगी। शौचालय ब्लॉक, गजेबो और प्रवेश द्वार बनेगा।
विभिन्न चरणों में होगा काम
{रमौआ बांध से बाइपास ब्रिज ( 750 मीटर) {डोंगरपुर से हुरावली बाईपास ब्रिज- 3935 मीटर {हुरावली से शहीद गेट 2100 मीटर {शहीद गेट से नदी भाग संतर ब्रिज 770 मीटर {नदी संतर ब्रिज से कालपी ब्रिज- 1100 {काल्पी ब्रिज से जड़ेरूआ बांध 3455 मीटर।

