दिल्ली में हुई हिंसा में अभी तक 10 की मौत
नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर उत्तर पूर्वी दिल्ली में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन पथराव और आगजनी में अभी तक 9 लोगों की मौतें हो चुकी है। उपद्रवियों मौजपुर मेट्रो स्टेशन के नजदीक के पास दो गुटों में झड़प के दौरान गोलियां चली। इस बीच एक मीडियाकर्मी (जर्नलिस्ट) की गोली लगने से घायल हो गया। भीड़ ने भजनपुरा और ब्रम्हपुरी इलाके में भी पत्थरबाजी की। गोकुलपुरी में फायरब्रिगेड की दो गाडि़यों सहित कई वाहनों में आग लगाई। इससे पूर्व सोमवार की रात 3 बजे तक उत्तर पूर्वी दिल्ली में आग लगने की 45 कॉल आई। इससे पहले जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सोमवार को हिंसक झड़पों में हेड कान्स्टेबल सहित 10 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 135 लोग घायल हो गये हैं।
जीटीपी अस्पताल के मेडीकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुनील कुमार ने बताया है कि सोमवार को 5 और मंगलवार को 5 लोगों की मौत हो गयी। इधर, जाफराबाद और मौजपुर इलाके में पिछले 3 दिन में हुई हिंसा को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिये उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इसमें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, उपराज्यपाल अनिल बैजल और पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए। इस बीच दिल्ली में पीस कमेटी को फिर से सक्रिय करने पर फैसला हुआ। केजरीवाल ने बताया कि गृहमंत्री ने हालात सामान्य करने के लिये सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत हैं। उधर, हिंसक घटनाओं को लेकर एक्टिविस्ट हर्ष मंदर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर कार्यवाही की मांग की। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी।
हिंसा में अभी तक 10 की मौत
उपद्रवियों ने मंगलवार सुबह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास और ब्रह्मपुरी इलाके में फिर से पत्थरबाजी की, एक फायर ब्रिगेड को आग के हवाले कर दिया। इससे पहले सोमवार को जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सीएए विरोधी और समर्थक गुट आमने.सामने आ गए थे। यहां कबीर नगर और कर्दमपुरी की तरफ से पथराव होने लगा। हजारों की भीड़ को संभालना पुलिस के लिए चुनौती बन गया, सैकड़ों की संख्या में आंसू गैस के गोले दागे। हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल समेत 10 लोगों की मौत हो गई। मरने वाले नागरिकों के नाम शाहिद, मोहम्मद फुरकान, राहुल सोलंकी, नजीम, विनोद हैं। जबकि 2 की पहचान नहीं हो पाई। 42 साल के विनोद की उसके बेटे मोनू के सामने पत्थर लगने से मौत हुई, जबकि मोनू भी इसमें घायल हुआ है। शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा, एसीपी अनुज कुमार और दमकल कर्मियों समेत 150 लोग घायल हुए। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन कई इलाकों में तनाव है।

