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तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन

नई दिल्ली. भारतीय संगीत के दिग्गज तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन को गंभीर स्वास्थ्य समस्या के चलते अमेरिका के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इससे पहले 73 वर्षीय जाकिर की निधन की खबर आई थी जिसे पुष्टि नहीं होने पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने खारिज कर दिया। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हालांकि जाकिर हुसैन के निधन को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से लकर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह और तमाम प्रसंसकों और चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर संवेदना जाहिर कर दिया था। जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई।

कौन है जाकिर हुसैन
आपको बता दें कि जाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को मुंबई में हुआ। वर्ष 1988 में जाहिर हुसैन को पद्म श्री, वर्ष 2002 में पद्मभूषण और वर्ष 2023 में पद्म विभूषण से नवाजा गया। 3 बार जाहिर हुसैन ग्रैमी अवार्ड भी जीत चुके है। उनके पिता का नाम उस्ताद अल्लाह रक्खा कुरैशी थे जो पेशे से तबदला वादक ही थे। मां का नाम बीवी बेगम था। जाहिर हुसैन ने मुंबई के माहिम स्थित सेंट माइकल स्कूल से पढ़ाई की है। ग्रेजुएशन, मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से की । 11 वर्ष के जाकिर हुसैन थे।जब उन्होंने पहली बार ऑॅडियन्स के सामने परफॉर्म किया था। वह भी अमेरिका में । 1973 में उन्होंने अपना पहला एलबम ‘लिविंग इन द मैटेरियल वर्ल्ड’।
ब्लड प्रेशर और हृदय की समस्या
रिपोर्ट्स के अनुसार, जाकिर हुसैन लंबे समय से ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं। करीब दो साल पहले हृदय में ब्लॉकेज के कारण डॉक्टरों ने स्टेंट लगाया था। अब उनकी स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर उस्ताद जाकिर के निधन पर शोक संवेदना जाहिर की है।
लंबे समय से अमेरिका में निवास
उस्ताद जाकिर हुसैन पिछले कुछ वर्षों से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। वह भारत और विदेश में अपने अभूतपूर्व संगीत योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनकी तबला वादन की कला ने भारतीय संगीत को विश्व पटल पर एक विशेष पहचान दिलाई है।

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