ग्वालियर में डेंगू के मरीज हुए 86
ग्वालियर. बारिश थमने के साथ ही वातावरण में गर्मी बढ़ गई है। ठंडक के बाद आई गर्मी से डेंगू लार्वा पनपने लगा है। यही कारण है कि डेंगू मरीज बढ़ने लगे हैं। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 86 पहुंच चुकी है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि लोग सावधानी रखें और अपने आसपास साफ पानी जमा न होने दें।
मलेरिया विभागा के पास कर्मचारियों की संख्या कम है। जिसे बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 12 कर्मचारियों को आउट सोर्स पर रखने की सहमति जताई है। पर विभाग के पास आने जाने के लिए साधन न होने के कारण आउट सोर्स परकर्मचारी काम करना नहीं चाहते है। क्योंकि उनके आने जाने में काफी पैसा खर्च होता है और उन्हें भुगतान कलेक्ट्रेट रेट पर होता है। इसलिए आउट सोर्स से भी मलेरिया विभाग को काम करने वाले कमचारी नहीं मिल पा रहे हैं। हालात यह हैं कि अबतक डेंगू उन्हीं क्षेत्राो में अधिक मिले हैं जहां पर जलभराव हुआ है। शहर के उन हिस्सों में डेंगू व मलेरिया के मरीज सर्वाधिक मिलते हैं, जहां नई कालोनियां बस रही हैं या खाली प्लाट हैं। असल में बारिश का पानी इन खाली प्लाट में जमा हो जाता है, जिसमें डेंगू का लार्वा पनपता है।
डीडी नगर, आदित्यपुरम, हजीरा, किला गेट, कलेक्ट्रेट के आसपास, गिरवाई, सिकंदर कंपू, गुड़ी गुड़ा का नाका, बहोड़ापुर, गोला का मंदिर आदि क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा होने से अधिक केस निकलते हैं। असल में इन क्षेत्रों में कबाड़ और खुले प्लाट में डेंगू का लार्वा पनपता है। इन क्षेत्रों में सर्वे व दवा का छिड़काव समय पर न होने से पैदा होने वाले मच्छर लोगों को काटकर बीमार करते हैं। इस सीजन में 2 लाख 69 हजार घरों का सर्वे किया जा चुका है। जिसमें 7636 घरों में लार्वा मिला है। करीब दस हजार कूलर,5 हजार टंकीव अन्य कंटेनर में लार्वा पाया गया। घर के अंदर साफ पानी जमा होने से उसमें डेंगू का लार्वा पनपता है जिससे डेंगू फैल रहा है। ऐसे घरों का सर्वे कर दवा का छिड़काव कराया जाता है। हालांकि जिन घरों में लार्वा मिला उन पर जुर्माना संबंधी को कोई कार्रवाई नगर निगम द्वारा नहीं की गई।

