गरीबों का राशन हड़पने वाले दवे बन्धुओं के 5 अवैध निर्माण को निगम ने किया ध्वस्त
इन्दौर. कोरोना काल में गरीबों के हक का राशन डकारने वाले दवे बन्धुओं के अवैध निर्माण पर प्रशासन ने निगम के साथ मिलकर बुधवार को बुलडोजर चला कर बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया है। राशन में हेराफेरी कर भरत दवे, श्याम दवे ने परिवार के साथ मिलकर शहर में मकान बनाने के साथ ही मल्टी भी खड़ी कर ली थी। सुबह रिमूवल की कार्यवाही जोन 18 में पवन नगर से हुई और इसके बाद मोती तबेला में भी मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। आपको बता दें प्रशासन माफियों की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने के साथ ही वैध संपतियों की कुर्की कर घोटाले की 80 लाख रूपये वसूलने की तैयार में हैे।

आठ तरह… की संपत्तियां अभी तक जांच में मिली
धनेश पिता श्याम दवे : 8/1 मोती तबेला, एक मकान प्रेमलता पति श्याम दवे : 13/3, मोती तबेला, दो मंजिला मकान प्रेमलता दवे पति श्याम दवे : 11/1, सिंघे कॉम्प्लेक्स भरत दवे : मकान नंबर 3121, सेक्टर ई सुदामानगर श्याम दवे पिता बालकृष्ण दवे : 19/3, मोती तबेला, तीन मंजिला मल्टी प्रेमलता पति श्याम दवे व धीतेश दवे पिता श्याम : 18/3, मोती तबेला, तीन मंजिला मल्टी श्याम दवे पिता बालकृष्ण दवे : 20/3, मोती तबेला, तीन मंजिला मकान भारती दवे पति भरत दवे : मकान नंबर 3121, सेक्टर ई सुदामानगर

यह है मामला
लॉकडाउन के दौरान गरीबों के लिए सरकार ने राशन दुकानाें पर दोगुना अनाज भेजा था। यह राशन भरत दवे, श्याम दवे, प्रमोद दहीगुड़े ने अपरे सहयोगियों के साथ मिलकर बाजार में बेच दिया। इंदौर की सिर्फ 12 दुकानों में ही करीब 80 लाख रुपए की गड़बड़ी पकड़ी गई है। हद यह है कि प्रभारी फूड कंट्रोलर आरसी मीणा कार्रवाई के बजाय टीम को धमकाकर इन पर अंकुश लगाने से रोकते रहे। जिले की 120 दुकानों पर भरत का दखल सामने आया है। इस हिसाब से अप्रैल से अब तक 20-25 करोड़ के घपले की आशंका है। मामले में प्रशासन ने 31 लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाई है। प्रभारी फूड कंट्रोलर मीणा पर 10 थानों में केस दर्ज कराया गया है।

