खाद की कालाबाजारी को लेकर ग्वालियर में पहली गिरफ्तारी
ग्वालियर. खाद संकट पर पहली गिरफ्तारी देर रात को पुलिस ने की है। व्यापारी मनोज जैन को खाद की बोरी ब्लैक में बेचे जाने पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। व्यापारी के यहां से दो दिन पहले कृषि विभाग की टीम ने 84 बोरी खाद मुरैना भेजते समय पकड़ी थी जबकि हर जिले का खाद का कोटा निर्धारित होता है। एक जिले की खाद दूसरे जिले में बेचना भी गैरकानूनी है। अभी वह डीएपी खाद का बैग 1200 रुपए की जगह 1400 से 1500 रुपए में बेच रहा था। खाद में ग्वालियर की यह पहली बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी व्यापारी पर रासुका के लिए कार्रवाई भी की जाएगी, फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पुरानी छावनी क्षेत्र के रायरू चौराहा स्थित रोहित-मोहित कुमार जैन नाम की फर्म से खाद का कारोबार किया जाता है। खाद का कारोबार व्यापारी मनोज कुमार जैन करते है। सोमवार रात कृषि विभाग के अधिकारियों ने इस दुकान से ट्रैक्टर ट्रॉली पर लादकर जिले से बाहर भेजी जा रही 84 बोरी खाद को पकड़ा था जिसमें 42 बोरी डीएपी खाद और 42 बोरी यूरिया को अधिकारियों के द्वारा जब्त किया गया था। वहां मौजूद किसानों ने अधिकारियों को बताया कि डीएपी खाद की एक बोरी की रेट 1200 रुपये है जबकि व्यापारी 1400 रुपए बेच रहा है। वहीं यूरिया की एक बोरी की रेट 270 है और जिसे 300 रुपये से अधिक रेट पर दिया जा रहा है।
इस पर उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास एम के शर्मा ने तत्काल कृषि विभाग के निरीक्षक विकासखंड घाटीगांव सुघर सिंह को दुकानदार मनोज कुमार जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। आदेशों का पालन कर इसकी लिखित शिकायत पुलिस थाने में की गई थी। कृषि विभाग के निरीक्षक की शिकायत पर आरोपी व्यापारी मनोज जैन पर जिले की खाद को बाहर भेजकर बेचने और ब्लैक में बेचने की एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में मंगलवार रात पुलिस ने रोहित-मोहित कुमार जैन एंड संस फर्म के व्यापारी मनोज कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है।

