सिंधिया-तोमर की गलियों से होकर जाती है एमपी में सरकार बनाने की राह
ग्वालियर. मध्यप्रदेश में साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और चुनाव के चलते भाजपा व कांग्रेस पूरी तैयारियों में जुटी हुई हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर व चंबल संभाग में दोनों पार्टियां पूरी ताकत लगा रही हैं और सभी लोगों की नजर इस क्षेत्र पर है क्योंकि इस क्षेत्र से नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा जैसे कई बड़े नेता इस क्षेत्र से आते हैं। ये सभी बड़े नेता भाजपा पार्टी से हैं साथ ही इस क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता गोविंद सिंह हैं,जो इस समय विधानसभा नेता प्रतिपक्ष हैं। बता दें कि पिछले कुछ चुनावों के आकड़ों से हम समझ सकते हैं कि ग्वालियर व चंबल क्षेत्र से जिसको जनता ने ज्यादा सीटें दी हैं, उसकी सरकार मध्यप्रदेश में बन गई।
बता दें कि मध्यप्रदेश का ग्वालियर व चंबल संभाग एक बड़ा क्षेत्र है। इस क्षेत्र में राज्य की 34 विधानसभा सीटें और 4 लोकसभा सीटें आती हैं। ये क्षेत्र राजनीति में सिंधिया का गढ़ माना जाता है। पिछले कुछ चुनावों की बात करें तो इस क्षेत्र ने जिस भी पार्टी की ज्यादा सीटें आई हैं। उसकी राज्य में सरकार बनी है साथ में इस क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी का भी वोट बैंक है। पिछले चुनावों में उसके कुछ विधायक विधानसभा पहुंचे हैं क्योंकि इस क्षेत्र में कई सीटें अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व हैं। इससे साबित होता है यहां पर इस समाज के लोग हैं इसीलिए चुनाव कोई भी हो कोई भी दल बसपा को हल्के में नहीं लेता है।
ये हैं ग्वालियर-चंबल संभाग की विधानसभा सीटें
श्योपुर जिला: श्योपुर और विजयपुर
मुरैना जिला: सबलगढ़, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी और अंबाह (एससी)
भिंड जिला: अटेर, भिंड, लहार, मेहगांव और गोहद (एससी),
ग्वालियर जिला: ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, भितरवार, डबरा (अ.जा.)
दतिया जिला: सेवड़ा, भांडेर (एससी) और दतिया
शिवपुरी जिला: करेरा (एससी), पोहारी, शिवपुरी, पिछौर और कोलारस
गुना जिला: बमोरी, गुना (एससी), चचौरा और राघोगढ़
अशकोनगर जिला: अशोक नगर (एससी), चंदेरी और मुंगावली

