सिंधिया के सामने बोले ऊर्जामंत्री -जितने उद्योग मिलने चाहिये नहीं मिले महाराज, सीमा लांघना पड़े तो तो लांघ जाईये
ग्वालियर. सोमवार को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने प्रदेश की मोहन सरकार के मंत्री प्र्द्युमनसिंह तोमर का दर्द छलका। विजयाराजे सिंधिया गर्ल्स कॉलेज में हुए कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर-चम्बल में औद्योगिक विकास की धीमी गति को लेकर मंच से ही ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि महाराज ग्वालियर-चम्बल केविकास के लिये आपके दरवाजे पर बैठना पड़ा तो बैठ जाऊेंगा । आपसे निवेदन है कि ग्वालियर विकास के लिये आपको सीमा भी लांघना पड़े तो लांच जाइये। आप प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलिये और उद्योग लेकर आइये। यदि जरूरत पड़ी तो मैं आपके घर के दरवाजे के सामने बैठ जाऊंगा।
क्या है मामला
ग्वालियर में सोमवार सुबह विजयाराजे सिंधिया गर्ल्स कॉलेज के मंच पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के सामने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने मन की बात कह डाली। उन्होंने ग्वालियर को पुराने समय में औद्योगिक नगरी बताते हुए कहा कि आज ग्वालियर-चंबल में उद्योग की लगाने की चाल बेहद धीमी है। ग्वालियर को जितने उद्योग मिलने चाहिए थे उसने नहीं मिल रहे हैं। इसके लिए आप आगे कदम बढ़ाएगी महाराज। यदि जरूरत पड़े तो प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बात कीजिए और जरूरत पड़े तो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से मिलिए और कोई सीमा लांघना पड़े तो लांघ जाएं। पर ग्वालियर को उद्योग दिलाएं, क्योंकि कोई शहर तभी खुशहाल होता है जब वहां रोजगार होता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो मैं आपके दरवाजे पर भी बैठ जाऊंगा, लेकिन आपको यहां उद्योग लाना ही होंगे।
जितने उद्र्योग ग्वालियर को मिलने चाहिये थे वह नहीं मिले
ऊर्जामंत्री ने कहा है कि 1 नवम्बर 1956 को जब मध्यप्रदेश का गठन हुआ था। उस वक्त ग्वालियर मध्यप्रदेश के इन्दौर, जबलपरु, भोपाल जैसे शहरों से काफी आगे था। तब ग्वालियर नम्बर 1 पर था। उस वक्त सिमको, रेशम मिल, कांच मिल और जेसी मिल समेत अन्य इंडस्ट्री के चले ग्वालियर औद्योगिक नगरी कहलाती थी। उस वक्त बहुत अच्छी सीवर लाइन डली हुई थी। तोमर ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से ग्वालियर में पुनः उद्योग स्थापित करवा कर उसे उद्योग नगरी बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर को जितने उद्योग मिलने चाहिये वह नहीं मिले।

