मिराज व सुखोई विमान के हिस्सों की तलाश में 4 दिन बाद भी वायुसेना पहाड़गढ़ के जंगल में सर्चिंग कर रही
मुरैना. आसमान में टकराने के बाद क्रैश हुए मिराज और सुखोई विमान के हिस्सों की तलाश में चार दिन बाद भी वायुसेना पहाड़गढ़ के जंगल में सर्चिंग कर रही है। मिराज विमान के कुछ हिस्से अब भी जंगल में पड़े हैं, वहीं मंगलवार को सर्चिंग के दौरान सुखोई विमान के भी कुछ हिस्से मिलने की जानकारी मिली है। गौरतलब है कि शनिवार 28 जनवरी की सुबह ग्वालियर स्थित सेना के एयरबेस से राउंटिंग आपरेशन फ्लाइंग ट्रेनिंग मिशन के तहत उड़े लड़ाकू विमान मिराज व सुखोई सुबह 10 बजे के करीब जिले के पहाड़गढ़ के जंगलों के ऊपर हवा में ही आपस में टकरा कर क्रैश हो गए।
मिराज विमान आग का गोला बनकर पहाड़गढ़ के ईश्वरा महादेव के जंगलों में गिरा, जिसमें पायलट विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी बलिदान हो गए थे। सुखोई विमान के दोनों पायलट स्क्वाड्रन लीडर विजय पाटिल व मिधुल पीएम पैराशूट की मदद से पहाड़गढ़ के जंगल में उतर गए, जबकि इनका सुखोई विमान 90 किमी दूर राजस्थान के भरतपुर में जाकर गिरा था। हादसे में क्रैश विमानों का मलबा जंगल में डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में फैल गया था। रविवार को यहां से दो ट्रकों में भरकर मलबा ग्वालियर भेजा गया था। सोमवार को बारिश के कारण सर्चिंग आपरेशन सही से नहीं चल पाया था। बताया गया है कि मंगलवार को सुखोई विमान के भी कुछ टुकड़े जंगल में मिले हैं। पहाड़गढ़ के ईश्वरा महादेव जंगल के जिस हिस्से में लड़ाकू विमान गिरा है, वह हिस्सा वायुसेना ने अपने कब्जे में ले लिया है। यहां किसी को भी आने नहीं दिया जा रहा है।

