मध्यप्रदेश को इतराने का मौका-भेड़ाघाट समेत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व विश्व धरोहर बनने की दहलीज पर
भोपाल. मध्यप्रदेश को इतराने का मौका मिला है। जबलपुर के भेड़ाघाट स्थित नर्मदा घाटी और सतपुड़ा टाईगर रिजर्व पचमढ़ी को देश के 6 विश्व विरासत की संभावित सूची में शामिल किया गया है। यूनेस्को की चीन में होने अगली बैठक में चयनित सूची पर मुहर लगेगी। विश्व पर्यटन की खूबियोंको समेटे भेड़ाघाट इस सूची में शामिल होता है। तो इस क्षेत्र को पर्यटन के नक्शे में खास पहचान मिलेगी। घरेलू व विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से शहर के होटल और गाइड के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार का एक बड़ा अवसर मिलेगा।
सांस्कृतिक मंत्रालय के अनुसार भेड़ाघाट व सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अलावा वाराणसी का ऐतिहासिक गंगा घाट, कांजीपुरम मंदिर समूह, मराठा मिलिट्री वास्तुकला का सीरियल महाराष्ट्र, हीरे बेंकल कर्नाटक को विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल किया गया है। अभी तक देश के 38 स्थल विश्व धरोहर में शामिल हो चुके हैं। आगरा का किला देश का पहला विश्व धरोहर घोषित किया जा चुका।
ये होते हैं फायदे
- चयनित होने पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ जाती है। घरेलू और विदेशी पर्यटक अर्थव्यवस्था में इजाफा ही करते हैं। उनके आने से देश की छवि भी बेहतर होती है।
- धरोहर के बचाव के लिए धन मिलता है। जैसे 2001 में तालिबान ने अफगानिस्तान की बामियान घाटी में बुद्ध की छठी शताब्दी की प्रतिमा के साथ तोड़-फोड़ की थी। अब इसकी मरम्मत के लिए यूनेस्को ने धन दिया और स्थापत्यकारों को भेजा ताकि वे मूर्ति को सहेज सकें।
- यह विभिन्न देशों में अदभुत मानवीय कौशल से बनी चीजों को अंतरराष्ट्रीय महत्व देती है। देश की जगहें पहचान पाती हैं।
- यह सरकार, प्राइवेट सेक्टर और एनजीओ को आपस में जोड़ने का एक प्रयास है ताकि वे किसी भी स्थल को बचाने के लिए कोशिश कर सकें।
- युद्ध काल में विश्व धरोहरों को नष्ट नहीं किया जा सकता है ऐसा एक समझौता भी सभी देशों के बीच होता है।
- भेड़ाघाट को वर्ल्ड हैरिटेज का दर्जा दिलाने के लिए सारी औपचारिकताए पूरी हो चुकी हैं। जून के दूसरे सप्ताह में चीन में होने वाली यूनेस्को की अंतर्राष्ट्रीय समिति की बैठक में इसका निर्णय होगा।
- देश के सभी 6 स्थानों में भेड़ाघाट ही एकमात्र जगह है, जहां वर्ल्ड हैरिटेज का दर्जा पाने के लिए सभी मापदंड मौजूद हैं।

