भोपाल में 6 आतंकी गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी मिला, ग्वालियर से संदिग्ध आतंकी को एटीएस ने उठाया
संदिग्ध आतंकी को एटीएस ने उठाया
ग्वालियर. पिछले 8 दिनों को अतिसंवेदनशील रूप से एटीएस भोपाल और ग्वालियर और केन्द्रीय खुफिया की ज्वाइंट टीम ने अभियान में जुटी हुई थी। इस टीम को 8 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद कामयाबी मिली। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को ग्वालियर की मुस्लिम बस्ती से शाहरूख खान को गिरफ्तार कर भोपाल ले गयी है। इस संबंध स्थानीय पुलिस के पास कोई भी जानकारी नहीं है। खुफिया एजेंसी के अनुसार शाहरूख खान के 2 अन्य लोगों को भी ले गयी है।

भोपाल. खुफिया एजेंसी ने आतंकियों के बड़े माड्यूल को ध्वस्त किया है। आतंकी पुराने शहर में ऐशबाग थाने से 200 मीटर की दूरी पर फातिमा मस्जिद के पास बिल्डिंग में किराए का घर लेकर रह रहे थे। खुफिया एजेंसी ने आपरेशन चलाकर छह आतंकियों को गिरफ्तार किया। इस बिल्डिंग से कई बोरी धार्मिक साहित्य, दर्जन भर से ज्यादा लैपटाप जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी जब्त किए गए हैं। इस आपरेशन के साथ ही एक और छापा शहर के बाहर करौंद इलाके में भी मारा गया, वहां से लोकल माड्यूल के आतंकियों के गिरफ्तार होने की सूचना है। खुफिया एजेंसी गिरफ्तार आतंकियों को अज्ञात स्थान पर लेकर पूछताछ कर रही है।गिरफ्तारी के बाद घर को सील कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
पड़ोसी किराएदार शइद ने बताया कि देर रात 3 बजे 50 से 60 पुलिसकर्मी आए और गोली मारकर दरवाजे का ताला तोड़ दिया। गिरफ्तारी के बाद उस कमरे को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, किसी को भी वहां जाने की इजाजत नहीं है। पड़ोसी का कहना है कि करीब तीन महीने से दो लोग यहां किराए पर रह रहे थे। नायाब जहां ने बताया कि इनमें से एक का नाम अहमद है, इसके बाद उसके साथ दूसरे लड़के आते रहे। मकान मालकिन नायाब जहां ने कहा सलमान नाम का एक लड़का हमारे यहां कम्प्यूटर सुधारने आया था। उसने कहा कि कोई मकान खाली हो तो दे दीजिए एक युवक शरीफे आलिमा का कोर्स कर रहा है, बाद में वो अपने परिवार को भी साथ ले आएगा। इसके बाद उन्हें किराए पर घर दे दिया। इसके बाद जब मैंने उनसे आधार कार्ड मांगा तो लगातार टालते रहे, कभी कहते घर से लाकर देंगे। फिर कहने लगे हम 15 दिन में घर खाली कर जा रहे हैं। मकान मालकिन ने कहा कि इसके बाद मैंने भी सोचा कि अब आधार की क्या जरूरत जब ये जाने ही वाले हैं। महिला ने बताया कि देर रात शोर हुआ तो हम बाहर निकले, पहले लगा ये आपस में लड़ रहे हैं, बाहर निकले तो पुलिस वाले खड़े थे। हमने पूछा क्या हो रहा है तो पुलिस वालों ने कहा कि आप अंदर चले जाइये।
युवाओं का ब्रेनवाश कर आतंकी गतिविधियों में शामिल करने का काम
बताया जा रहा है कि सभी आतंकी छात्रों के भेष में यहां रह रहे थे, इन्होंने किसी कालेज में एडमिशन भी ले रखा था। ये कालेज में पढ़ने वाले युवाओं को बहकाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करने का कर रहे थे काम। खुफिया एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि ये किस राज्य से आए थे और किस संगठन से जुड़े हैं।
आपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया
खुफिया एजेंसी ने आतंकियों को पकड़ने के आपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा। स्थानीय थाने को भी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। बिल्डिंग में सभी किराएदार परिवार रहते हैं, नीचे वाले मकान का किराएदार भी गायब है। पूरी गली में दहशत का माहौल है कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। बस सिर्फ इतना कहना है कि यह बिल्डिंग 70 साल की नायाब जहां की है।

