पीएफआई और इससे जुड़े संगठनों पर लगाया 5 साल का प्रतिबंध
नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को देश में प्रतिबंधित कर दिया है। बुधवार सुबह 6.30 बजे केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा आदेश जारी कर PFI को आतंकी संगठन घोषित कर दिया। PFI के साथ ही इससे जुड़े 8 संगठनों पर भी 5 साल का बैन लगाया गया है। PFI पर प्रतिबंध की मांग पिछले दिनों उठ रही थी। हाल के दिनों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देशभर में छापेमारी की और सबूत जुटाए। माना जा रहा है कि एनआईए की रिपोर्ट मिलने के बाद ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह फैसला किया है।
इन संगठनों पर लगाया गया बैन
पीएफआई
रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ)
कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई)
ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी)
नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्ग (एनसीएचआरओ)
नेशनल विमेन फ्रंट
जूनियर फ्रंट
एम्पावर इंडिया फाउंडेशन
रिहैब फाउंडेशन
सरकार की नजर में PFI की गतिविधियां देश में सिमी जैसी ही हैं। जिस तरह सिमी की हरकतें देश विरोधी थीं और भारत एक इस्लामिक राष्ट्र बनाने की कोशिश की जा रही है। यही काम PFI द्वारा किया जा रहा है। युवाओं को बरगलाया जा रहा था। कभी कराटे ट्रैनिंग के नाम पर तो कभी किसी और बहाने। पीएफआई और इसके सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध के बाद प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। भाजपा नेता सरकार के फैसले की तारीफ कर रहे हैं। गिरिराज सिंह ने ट्वीट पर लिखा, ‘बाय बाय पीएफआई’। अधिकांश का कहना है कि यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन गृह मंत्रालय ने बहुत मेहनत की। गहन जांच की गई, ताकि पुख्ता सबूत जुटाए जा सके, ताकि कोर्ट में भी इसे साबित किया जा सके। इसलिए तारीफ के काबिल है। ऐसे लोगों और संगठनों की जड़ों को खत्म करना जरूरी है जो देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहते हैं, जो गजबा-ए-हिंद की बात करते हैं। अब जरूरत है कि इन संगठनों और इससे जुड़े लोगों की संपत्तियों को जब्त किया जाए।

