पार्किंग के नाम पर नहीं हुई वसूली बंद, जेएएच प्रबंधन बना मूक दर्शक
ग्वालियर. हजार बिस्तर अस्पताल में वाहन पार्किंग के नाम पर मरीज के अटेंडेंटों से खुलेआम वसूली चल रही है। यही नहीं ठेकेदार के लोग मरीज के अटेंडेंट को धमकाने से भी गुरेज नहीं करते। राजेन्द्र जैन अपनी मां को दिखाने के लिए हजार बिस्तर अस्पताल पहुंचे थे। तब ठेकेदार के लोगों ने पार्किंग शुल्क नाम पर उनसे 10 रुपये ले लिए पर पर्ची नहीं दी। जब वह वापसी में लौटे तो पर्ची की मांग की गई। जिसको लेकर बहस हुई। राजेन्द्र का कहना था कि ठेकेदार के लोग उसे मारने के लिए आ गए तो मुझे फिर दस रुपये की पर्ची देकर पर्ची कटवानी पड़ी। इस तरह से वाहन पार्किंग के नाम पर लूट की जा रही है। जितने बार अस्पताल में आओ उतनी बार पर्ची काट दी जाती है। जबकि पर्ची कितने समय के लिए वैध है इसके लिए प्रवेश द्वार पर बैनर पोस्टर लगाकर अटेंडेंट के लिए जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। लेकिन जेएएच के जिम्मेदार वाहन पार्किंग की वसूली पर आंख बंद कर बैठे हुए हैं। इसलिए ठेकेदार के लोग भर्ती मरीज के अटेडेंटों का पास बनाने के नाम पर 100 रुपये तक वसूल कर रहे हैं।
इधर 397 करोड़ की लागत से तैयार हजार बिस्तर अस्पताल बदबू मार रहा है। अभी इस अस्पताल का उद्घाटन भी नहीं हो सका और इसकी दीवारों पर गुटखा,तंबाकू व पान की पीक के दाग लग चुके हैं। मरीज जमीन पर पड़े और फर्स पर गंदगी फैली हुई है। जिस पर महीनों से झाड़ू और पौंछा तक नहीं लगा है। गजब की बात यह है कि अस्पताल के प्रबंधन से लेकर सहायक अधीक्षक और अधीक्षक तक का कार्यालय अस्पताल में मौजूद है। इसके बाद भी इन्हें मरीजों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही है। हजार बिस्तर अस्पताल में मेडिसिन वार्ड सी-ब्लाक में दूसरी,तीसरी, चौथी और पांचवी मंजिल पर 60-60 बेड के बनाए गए हैं। लेकिन इनमें बेड संख्या अधूरी है। इस कारण से मरीजों को जमीन पर लेटाकर इलाज देना पड़ रहा है।

