डीआरडीई ग्वालियर कश्मीर की डलझील इलाके में 100 बायो डायजेस्टर लगायेगा
ग्वालियर. रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना (डीआरडीई) कश्मीर की डलझील के आसपास 100 मार्क-टू बायोडायजेस्टर महाराष्ट्र मेट्रो स्टेशनों पर भी यह तकनीक उपयोग की जायेगी जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाई गयी थी।
इस पर न्यायालय ने एक समिति बनाई और समिति के अध्यक्ष डॉ. ई श्रीधरन ने डीआरडीई के वैज्ञानिकों से समस्या के हल के लिये संपर्क किया। वैज्ञानिकों ने मार्क टू बायो डायेजस्टर का परीक्षण किया जो कामयाब हुआ है। समिति ने झील के आसपास 100 बायो डायजेस्टर लगाने के आदेश डीआरडीई को दिये है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बायो डायजेस्टर लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जायेगी।
क्या है मार्क-टू बायो डाइजेस्टर
मार्क-टू बायो डाइजेस्टर सीवर का निस्तारण करने वाली तकनीकि के तहत बना बायो टॉयलेट है। इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले बैक्टीरिया को कार्य करने के लिए पाइप का साइज बढ़ाया गया है, ताकि बैक्टीरिया मानव मल का पूरी तरह निस्तारण कर सके। इस डाइजेस्टर में उपयोग किए गए पानी को रीसाइकिल कर शुद्ध किया जाएगा।
इसके बाद इसके उपयोग के लिए टैंक व उपकरण भी लगाए जाएंगे। इन टैंक से गुजरने के बाद शुद्ध पानी को अलग टैंक में एकत्र किया जाएगा। इस टैंक के पानी को शौचालय या उद्यानिकी में उपयोग किया जा सकेगा। इससे पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा और पानी की भी बचत होगी।

