ग्वालियर में यातायात को गति देने कछुआ चाल रहा ROB का निर्माण
ग्वालियर. शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए शहर में 2 ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इन ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य कछुआ चाल से चला, जिसके चलते प्रोजेक्ट 5 साल से अधिक से अधिक लग गया। जबकि टेंडर होने के 24 महीने में कार्य पूरा हो जाना चाहिए था। गाडर वाली पुलिया से होते हुए तानसेनगर रोड व रेसकोर्स रोड बन निर्माणाधीन रेल ओवर ब्रिज का काम अब पूरा होने की स्थिति में आ गया है। रेलवे के हिस्से पर स्लैब डलने के बाद PWD के सेतु संभाग ने काम शुरू कर दिया है। इस पुल का निर्माण नवंबर 2022 में पूरा कर दिया जाएगा। जबकि कलेक्ट्रेट से नीडम होते हुए ओवर ब्रिज का कार्य अप्रैल 2023 में पूरा होगा।
गाडर वाली पुलिया होते हुए रेसकोर्स रोड व तानसेन रोड को जोड़ने के लिए वर्ष 2017 में प्रोजे शुरू किया गया था। सबसे पहले काम PWD के सेतू संभाग ने दोनों ओर की लाइनें पूरी कर दी, जब कार्य रेलवे पटरी पर पहुंचा तो पुलिया लेट हो गया। रेलवे के हिस्से पर जाकर पुल की कछुआ चाल हो गई। अप्रैल 2022 में रेलवे ने अपने हिस्से का काम पूरा किया। रेलवे के हिस्से का काम पूरा होने के बाद सेतू संभाग ने चार महीने बाद अपना कार्य शुरू किया है। पुल के स्लैब डल चुके हैं। पुल के ऊपर सड़क बनाने का काम चल रहा है। इस पुल के बनने से पड़ाव पुल का भी लोड कम होगा, क्योंकि तानसेन नगर की ओर जाने वाले व्यक्ति को अभी पड़ाव पुल होते हुए जाना पड़ता है। साथ ही लोगों का समय भी बचेगा। रेसकोर्स रोड से तानसेन नगर जाने वाले व्यक्ति को चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विवेकानंद नीडम से कलेक्ट्रेट रोड को जोड़ने वाले ओवर ब्रिज 2019 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन इस पुल की चाल काफी धीमी रही। इस कारण छह साल से इसका निर्माण चल रहा है। रेलवे ने अपने हिस्से पर काम शुरू किया है। स्लैब डालने का कार्य शुरू किया है। रेलवे के हिस्से पर स्लैब डालने का काम पूरा होने में समय लगेगा। उसके बाद सेतू संभाग का काम शुरू हो गया। इस काम को खत्म करने में लंबा वक्त लग जाएगा। सेतू संभाग ने इस पुल का काम अप्रैल 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

