ग्वालियर में पेयजल प्रोजेक्ट पर पूरा फोकस, 1 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट बनाकर घर-घर पानी पहुंचाने का लिया संकल्प
ग्वालियर. अब केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वॉटर पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के बाद अब उनका फोकस घर-घर पेयजल पहुंचाने पर है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में उनका फोकस सिर्फ पानी पर ही नजर आया है। पेयजल के माध्यम से वह हर घर तक पहुंचना चाहते हैं। विकास कार्यो की समीक्षा के बाद केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले हैं कि जैसे बैठक में एक बात निकलकर सामने आई है कि हर वार्ड की व्यवस्थित पेयजल व्यवस्था नहीं बनी है। अमृत प्रोजेक्ट में भी कई वार्ड के कुछ नए विकसित क्षेत्र छूट गए हैं।
1 हजार करोड रुपए के की डीपीआर तैयार करने के निर्देश
इतना ही नहीं नए 6 वार्ड भी उसमें शामिल नहीं है। इसके लिए हमने एक पूरा प्रोजेक्ट बनाया है दो भागों में एक तो तीनों विधानसभाओं का वह 30 प्रतिशत क्षेत्र जो अभी पेयजल से वंचित है दूसरा वह 6 वार्ड (वार्ड 61 से 66 तक) के लिए पेयजल सप्लाई करने में कितने बजट की आवश्यक्ता होगी। इसके अलावा अन्य प्रोजेक्ट मिलाकर कुल 1 हजार करोड रुपए के की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द यह डीपीआर तैयार हो जाएगी और इसे भोपाल में मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।
सिंधिया ने डिटेल में ग्वालियर के लिए पेयजल, सीवर व कुओं व बावड़ी के उत्थान की बात कही है। उन्होंने बताया कि हमें अपने सफाई दूतों को समाज में विशेष स्थान देना होगा। उनके यूनिफार्म डेटाबेस कार्ड के साथ ही स्वास्थ्य का रिकॉर्ड भी नगर निगम को रखना होगा। उल्लेखनीय कार्य करने वाले सफाई कर्मियों का जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर सम्मान किया जाना जरूरी है। शहर को स्वच्छता में एक नंबर की रैंकिंग दिलाने के लिए उन्होंने कहा है कि हर वार्ड की स्वच्छता रैंकिंग हर सप्ताह निर्धारित होनी चाहिए। जिनका स्वच्छता रैंकिंग में अच्छा काम है उन्हें हरा रंग प्रदान किया जाए जिन वार्डों में स्वच्छता की रैंकिंग मध्यम स्तर की है उन्हें पीला और जहां स्थिति ज्यादा खराब है वहां लाल रैंकिंग की व्यवस्था की जाए। इस व्यवस्था से वार्डों में आपस में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वो साफ सफाई के प्रति ज्यादा तन्मयता से काम करेंगे।

