कैलाश विजयवर्गीय को बंगाल की तरह किसी अन्य राज्य की मिल सकती है जिम्मेदारी
भोपाल. भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय को एक बार फिर राष्ट्रीय कार्यसमिति में महासचिव की जिम्मेदारी दी है। गुरुवार दोपहर तक विजयवर्गीय की अगली भूमिका को लेकर जो कयास लगाए जा रहे थे, उन पर विराम लग गया है। यह भी स्पष्ट हो है कि पार्टी उन्हें अब चुनाव नहीं लड़ाना चाहती। पहले उन्हें पश्चिम बंगाल चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी। आने वाले चुनाव में फिर उन्हें किसी राज्य की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस बार मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री के लिए दावेदार भी कहा जा रहा था। जीत कांग्रेस की हो गई इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों के साथ कांग्रेस से भाजपा में आए तो कमलनाथ सरकार गिर गई, तब दोबारा विजयवर्गीय को लेकर अटकलें लगने लगीं, लेकिन पार्टी ने शिवराज सिंह चौहान को ही मध्यप्रदेश की बागडोर सौंपी।
इसके पूर्व लोकसभा चुनाव के दौरान जब शंकर लालवानी का नाम तय नहीं हुआ था, तब भी उनके समर्थकों को विश्वास था कि विजयवर्गीय को इंदौर से लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। तब विजयवर्गीय के पास पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी थी। हालांकि, एक-दो मौके पर उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी जो आदेश देगी, उसका पालन करेंगे। टिकट लालवानी को मिला और उन्होंने 5 लाख से ज्यादा मतों से जीत दर्ज कर अपनी जगह मजबूत बना ली।
स्थानीय मुद्दे पर सामने आया था दर्द
पिछले महीने ही विजयवर्गीय का दर्द तब सामने आया था, जब वे सुपर कॉरिडोर से एयरपोर्ट जा रहे थे। तब वहां घुटनों तक बारिश का पानी भरने को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट डाला था। इस पर पार्टी में ही अंदरुनी प्रतिक्रिया थी कि राष्ट्रीय महासचिव को स्थानीय मुद्दे पर क्यों इस तरह का पोस्ट डालना पड़ा। बहरहाल, अब राजनीतिक समीकरण काफी बदल रहे हैं और अब यह तस्वीर स्पष्ट हो चुकी है कि विजयवर्गीय की मप्र की राजनीति में दखल नहीं होगा और उन्हीं कोई और जिम्मेदारी दी जाएगी।

