कृषि विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस- कृषि व्यापक है जहां 80 विशय पढ़ाए जाते हैं
ग्वालियर। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में 17 वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक कृषि शिक्षा डा. आरसी अग्रवाल संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार और शोध के क्षेत्र में हर दिन नया आयाम स्थापित कर रहा है। कुलपति द्वारा तैयार की गई गौशाला अद्भुद है। क्योंकि इसका उपयोग गाय पालन के साथ साथ फसल के लिए जैविक खाद और औषधि तैयार की जा रही है जो रोगों से बचाने का काम करती हैं। डा अग्रवाल का कहना था कि एक ऐसा एप तैयार किया जाना चाहिए जोए आई पर आधारित हो। जिससे विद्यार्थियों और किसानों को खेती से संबंधित सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सके। विद्यार्थी इंटर्नशिप कर कृषि को व्यापार बनाएं। एग्रीकल्चर एजुकेशन में आज सभी चीज कृषि से जुड़ी हुई है । विश्वविद्यालय ने एक साल में कितना कार्य किया है और बहुत सारी चीज जो हमें आगे करनी है उन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। देश में 732 केविके, 77 यूनिवर्सिटी, 113 आई.सी.ए.आर. इन्स्टीट्यूट मौजूद हैं। कृषि में 80 विषय पढ़ाए जाते हैं । आज कृषि की पढ़ाई के लिए छात्र टारगेट बेस्ड तैयारी कर रहे है तथा पढ़ाई के साथ साथ स्किल बेस्ड एजुकेशन भी प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डा अरविंद कुमार शुक्ला- राजमाता विजयाराजे सिंधिया विश्वविद्यालय के कुलगुरू डा. अरविंद कुमार शुक्ला ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का स्वर्णिम इतिहास रहा है। यहां पर पढ़े छात्र हर दिशा में कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण निदेशक शिक्षण डा. एनएस भदौरिया ने देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा किए गए पिछले एक वर्ष के कार्य एवं उपलब्धियों को विस्तार से बताया। कार्यक्रम के अंत में निदेशक विस्तार सेवाएं डा. वाय.पी. सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर चार किसानों को फैलो सम्मान से सम्मानित किया गया। जबकि उत्कृष्ठ कार्य के लिए 27 वैज्ञानिक, अधिकारी व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर तथा 02 श्रमिकों को पांच-पांच हजार रूपये देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कुलसचिव अनिल सक्सेना, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, ग्वालियर डॉ. एसएस तोमर, विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संगठन के छात्र, विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इन किसानों का हुआ सम्मान-
-अशोक नगर के राजपाल सिंह नरवरिया ने कृषि मशीनरी के क्षेत्र में उल्लेयनीय कार्य किया है। इन्होंने अपनी दो मशीन कंबाइन हार्वेस्टर और स्पेयर मशीन का पेटेंट कराया है।
-नीमच के कमला शंकर विश्वकर्मा ने कृषि वानिकी एवं पर्यावरण आधारिक पर्यटन स्थाल तैयार किया है।
– अलीराजपुर के युवराज सिंह ने 98 प्रजातियों केआम का बगान लगाया है। जिसमें 6 हजार आम के पेड़ हैं।
– खरगौन के बालकृष्ण पाटीदार ने सब्जी उत्पादन और भंडारण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।
ठन सभी को प्रशस्ति पत्र और दस-दस हजार रूपये का चैक भेंट किया।

