कारगिल विजय दिवस -सारे विश्व ने हमारी सेना के पराक्रम का लोहा माना-कर्नल मजुमदार
ग्वालियर। कारगिल शहीद सरमन सिंह खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था एवं नगर निगम ग्वालियर के संयुक्त तत्वाधान में 26 जुलाई 2021 कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में कारगिल युद्ध के 527 वीर योद्धाओं को महाराज बाड़ा परआयोजित कार्यक्रम में कर्नल अरिन्दम मजुमदार ने सैन्य शस्त्रसलामी देकर पुष्प चक्र अर्पित किया । उन्होंने कारगिल विजय दिवस पर अपने उदबोधन में कहा कि आप सभी लोग 1999 के कारगिल युद्ध से भलीभांति परिचित है या आपने सुना होगा यह युद्ध 15 हजार से 18 हजार फीट की दुर्गम ,बर्फीली चोटियों पर लड़ा गया कारगिल का ये ऐसा युद्ध था जो कि केवल भारतीय सेना ही जीत सकती थी । मेरा सेना से आशय सेना के सभी अंग यानि वायु सेना ,नौसेना, थल सेना सम्मिलित है । विश्व मे किसी भी देश की सेना ने इतनी दुर्गम चोटियों पर न युद्ध लड़ा है और न ही युद्ध कभी जीता है। इस युद्ध ने पूरे विश्व मे हमारी सेना का मान एक अलग चोटी पर पहुंचा दिया पूरे विश्व को यकीन हो गया है कि जो सेना इस तरह की कठिन परिस्थितियों में ऐसे दुर्गम इलाकों में युद्ध जीत सकती है उसके लिए कोई भी युद्ध मुश्किल नही है इसी कारण आप देख सकते हैं कि हमारे अगल बगल चाहे जितने भी शक्तिशाली देश क्यों न हो सभी हमसे सम्मानपूर्वक बर्ताव करते है। वह हमारे सामने अकड़ के खड़े होने की स्थिति हैसियत में नही है यह हमारी सेना की ही ताकत है ।
इस युद्ध से हमारी सेना के पराक्रम का विश्व लोहा मानता है यह इन शहीदों के बलिदान से ही सम्भव हुआ है ।साडा के पूर्व अध्यक्ष राकेश जादोन ने कहा कि संस्था के द्वारा वीरों का गुणगान करना मेरे अन्तः करण को जागृत कर दिया है अब तो जब तक दम में दम रहेगा इस प्रकार के आयोजन में निरन्तर सहयोग करते रहेंगे अपने विचारों से पहले साडा के पूर्व अध्यक्ष राकेश जादोन, टीआई संजीव नयन शर्मा, टीआई राजीव गुप्ता, मेजर अशोकसिंह चौहान ,लेफ्टीनेंट विजय कुमार सूबेदार जरनैल सिंह,सूबेदार प्रमोदकुमार सुनील पाठक ,अरुण तोमर आदि ने अमर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर सलाम किया कार्यक्र्म का समापन अंशुमान सेंगर द्वारा बंदेमातरम एकल गीत के गायन से किया गया ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्था सचिव विहवल सेंगर ने कहा कि कारगिल विजय के इस पर्व को हम बड़े ही उत्साह से मना रहे हैं लेकिन इस कारगिल युद्ध विजय दिवस के पीछे के मंजर को भी जाने ये 527 शहीदों के परिवारों का हाल जानें इस विजय के पीछे माँ की ममता, पिता का दुलार, बहिन की राखी का प्यार ,पत्नी की मांग का सिंदूर, भाई की ताकत एवम छोटे बच्चों का पापा पापा कहकर कब आएंगे बिलखकर सो जाना आदि ऐसे गमगीन पहलू हैं जो इन परिवारों में सदा उदासी बनाये रहते हैं इस कार्यक्रम के माध्यम से आप सभी से यही गुजारिस करते हैं कि जो रणबाँकुरे वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। उनके परिवार हमारे परिवार का हिस्सा है हमें ऐसे परिवारों को सम्बल देना है जिससे उन परिवारों की उदासी दूर हो सके कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन सांकेतिक एवं सूक्ष्म रूप दिया जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, मास्क, सेनेटाइजर, आदि के उपयोग का पूर्णतया पालन करते हुए कार्यक्रम किया गया चूंकि हर वर्ष कारगिल योद्धाओं को ग्वालियर महानगर सेल्यूट करता रहा है तो इस वर्ष भी अति सावधानीपूर्वक अमर शहीदों को याद करने की परम्परा को जीवित बनाये रखने का प्रयास किया गया है।
कारगिल विजय दिवस के पर्व को प्रातः 9 बजे पर सशस्त्र आर्मी के जवानों के द्वारा एवं सेना के कर्नल द्वारा सलामी के साथ ही शुरुआत हुई कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ मानवेन्द्र सिंह राजावत , नेत्रपाल सिंह जादोन ,जसवंत गुर्जर , लक्ष्मण सिंह सेंगर, पुरुषोत्तम भीम कुशवाह, रवि यादव नीलेश तिवारी द्वारा कारगिल युद्ध के सभी 527 शहीदों को सेल्यूट कर पुष्प अर्पित किए गए । उसके बाद एनसीसी के बॉयज /गर्ल्स कैडिटों तथा प्रबुद्ध नागरिकों के द्वारा कोविड नियमों का पालन करते हुए अमर शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया गया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए ग्वालियर महानगरवासी श्रद्धांजलि अर्पित कर गौरान्वित हैं ।

