एक मई से शहर में प्रतिदिन दिया जाए पेयजल प्रबंधन के लिये किए जाएं पुख्ता इंतजाम – प्रभारी मंत्री
ग्वालियर गर्मी के मौसम को देखते हुए शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। आम जनों के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी पीने के पानी की परेशानी न हो, इसके लिये रणनीति बनाकर कार्य किया जाए। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शनिवार को शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल प्रबंधन के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर व सांसद भारत सिंह कुशवाह विशेष रूप से उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री ने कहा है कि ग्वालियर शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था के लिये तिघरा जलाशय में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के कारण एक मई से शहर में प्रतिदिन पेयजल वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए शहर के सभी 66 वार्डों में पेयजल की परेशानी न हो, इसके लिए पुख्ता रणनीति बनाकर कार्य किया जाए। जहाँ आवश्यक हो वहाँ टैंकर के माध्यम से भी आम जनों को पेयजल उपलब्ध कराया जाए। ट्यूबवेल एवं हैंडपंप मरम्मत के लिये भी सभी सामग्री पूर्व से ही संग्रहीत कर रखी जाए ताकि कहीं पर भी दिक्कत हो तो सुधार का कार्य तत्परता से किया जा सके। मंत्री श्री सिलावट ने नगर निगम आयुक्त से कहा है कि वे शहरी क्षेत्र में पेयजल प्रबंधन के लिये जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चर्चा करें और जो आवश्यक सुझाव आएं तो उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ साडा क्षेत्र में भी पेयजल प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। जल निगम के माध्यम से साडा क्षेत्र में पेयजल प्रबंधन के जो कार्य स्वीकृत हुए हैं उन्हें तत्परता से पूरा किया जाए ताकि गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पेयजल की समस्या न हो। उन्होंने रानीघाटी गौशाला के समीप एक पेयजल टंकी निर्माण की भी आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर सांसद निधि से भी राशि उपलब्ध कराई जा सकती है।
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शहरी क्षेत्र में पेयजल प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर गर्मी के मौसम को देखते हुए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही टैंकरों की आवश्यकता का भी आंकलन कर प्रबंधन किए गए हैं। तिघरा जलाशय में उपलब्ध जल क्षमता को देखते हुए आगामी दिनों में आम जनों को प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जायेगी। इसके साथ ही पेयजल का अपव्यय न हो, इसके लिये विभागीय स्तर पर भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। आम नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिये शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक प्याऊ भी प्रारंभ किए गए हैं।

